पटना: PM आवास योजना बिहार (PM Awas Yojana Bihar) को लेकर बड़ी स्थिति सामने आई है। PM आवास योजना बिहार के तहत 2018-19 में हुए सर्वे में चिन्हित परिवारों के लिए घर बनाने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक 8 लाख से अधिक मकान अधूरे हैं। यह योजना कब, कहां, क्यों और कैसे प्रभावित हुई—इसकी मुख्य वजह केंद्र से फंड की देरी और नई भुगतान व्यवस्था का लागू न होना बताया जा रहा है।
इस देरी का असर लाखों गरीब परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें अब भी पक्के घर का इंतजार है।
7 साल बाद भी अधूरे हैं लाखों घर
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2018-19 में करीब 30 लाख परिवारों को चिन्हित किया गया था।
इन सभी को पक्का मकान देने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन सात साल बीत जाने के बाद भी 8 लाख से ज्यादा घर अधूरे हैं।
पिछले दो वित्तीय वर्षों (2024-25 और 2025-26) में केंद्र से 12.20 लाख घरों के निर्माण की स्वीकृति मिली थी।
लेकिन इनमें से केवल लगभग 4 लाख घर ही बन पाए हैं, जबकि बड़ी संख्या में निर्माण कार्य लंबित है।
फंड की कमी बनी सबसे बड़ी वजह
जानकारों के मुताबिक, इस देरी की सबसे बड़ी वजह केंद्र सरकार से समय पर फंड का नहीं मिलना है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक योजना के लिए कोई राशि जारी नहीं की गई।
केंद्र ने नई भुगतान प्रणाली लागू करने की शर्त रखी, लेकिन राज्य में यह व्यवस्था समय पर लागू नहीं हो सकी।
इस कारण निर्माण कार्य ठप पड़ गया और हजारों लाभुकों को इंतजार करना पड़ा।
मार्च 2026 में जारी हुई राशि
लंबे इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में दो किस्तों में राशि जारी की।
- पहली किस्त: 90 करोड़ रुपये
- दूसरी किस्त: 950 करोड़ रुपये
इसके बाद राज्य सरकार ने अपने हिस्से के 631 करोड़ रुपये जोड़कर जिलों को फंड जारी किया।
इससे उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित आवासों का निर्माण अब तेज होगा।
नए सर्वे में बढ़ी लाभुकों की संख्या
वर्ष 2025 में हुए नए सर्वे में बड़ी संख्या में परिवारों को चिन्हित किया गया है।
- कुल चिन्हित परिवार: 1.04 करोड़
- संभावित स्वीकृति: करीब 60 लाख परिवार
इससे साफ है कि आवास की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
हालांकि, पुराने लंबित मकानों के कारण नए लाभुकों को घर मिलने में और देरी हो सकती है।
किस्तों में मिलती है आवास राशि
PM आवास योजना के तहत लाभुकों को तीन किस्तों में कुल 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं।
- पहली किस्त: 40,000 रुपये
- दूसरी किस्त: 40,000 रुपये
- तीसरी किस्त: 40,000 रुपये
अब तक:
- 7.50 लाख लाभुकों को पहली किस्त
- 3.57 लाख को दूसरी किस्त
- 3.29 लाख को तीसरी किस्त मिल चुकी है
इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अभी भी पूर्ण भुगतान और मकान निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।
2026-27 के लिए अभी तक नहीं मिली मंजूरी
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार की ओर से अभी तक नई स्वीकृति नहीं मिली है।
इससे योजना के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
यदि जल्द मंजूरी नहीं मिलती है, तो नए लाभुकों को घर मिलने में कई साल लग सकते हैं।
क्यों अहम है यह मुद्दा?
PM आवास योजना ग्रामीण गरीबों के लिए सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है।
- पक्का मकान मिलने से जीवन स्तर सुधरता है
- सामाजिक सुरक्षा बढ़ती है
- ग्रामीण विकास को गति मिलती है
लेकिन वर्तमान देरी ने योजना की रफ्तार को धीमा कर दिया है।
आगे क्या उम्मीद?
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष में लंबित आवासों का बैकलॉग खत्म करने का प्रयास किया जाएगा।
नई फंडिंग व्यवस्था लागू होने के बाद योजना में तेजी आने की उम्मीद है।
अगर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय बेहतर हुआ, तो लाखों परिवारों का घर का सपना जल्द पूरा हो सकता है।
Source: ग्रामीण विकास विभाग, बिहार
