पटना में Patna Holi Celebration के दौरान मंगलवार को भाजपा नेता Nitin Nabin रंगों में सराबोर नजर आए। क्या हुआ? होली समारोह में कुर्ता फाड़ होली खेली गई। कब? मंगलवार को। कहां? बेली रोड स्थित चटकारा फूड कोर्ट, पटना में। कौन शामिल रहा? भाजपा कार्यकर्ता और कई वरिष्ठ नेता। क्यों चर्चा में है? क्योंकि Patna Holi Celebration में मंच से फूल बरसाने और सहज अंदाज ने माहौल को खास बना दिया। कैसे? गीत-संगीत, रंग-गुलाल और पारंपरिक उत्सव के साथ।
कार्यक्रम में उत्सव का माहौल पूरी तरह हावी रहा। नेताओं ने भाषण से ज्यादा संगीत और मिलन पर जोर दिया।
‘राम खेले होली’ पर झूमे कार्यकर्ता
कार्यक्रम में ‘राम खेले होली…’ गीत बजते ही माहौल और रंगीन हो गया। नितिन नवीन ने मंच से कार्यकर्ताओं पर फूल बरसाए। तालियों और जयकारों के बीच वे खुद भी झूमते नजर आए।
करीब 15 से 20 मिनट तक वे मंच पर रहे। उन्होंने संक्षिप्त संदेश देते हुए कहा, “होली पर गाने सुनिए, भाषण नहीं।” इसके बाद उन्होंने लोगों से उत्सव का आनंद लेने की अपील की।
उनका यह छोटा लेकिन प्रभावी संदेश सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना।
‘मोबाइल दीजिए, ऊपर से फोटो खींच देता हूं’
कार्यक्रम के दौरान मंच के नीचे मौजूद महिलाओं ने फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। इस पर नितिन नवीन मुस्कुराए और कहा, “अपना मोबाइल दीजिए, मैं ऊपर से ही फोटो खींच देता हूं।”
उनके इस सहज व्यवहार से कार्यकर्ता खुश दिखे। कई लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया।
राजनीतिक कार्यक्रमों में इस तरह की अनौपचारिकता कम देखने को मिलती है। यही वजह है कि यह पल लोगों को अलग लगा।
डिप्टी सीएम और वरिष्ठ नेता भी रहे मौजूद
इस समारोह में बिहार के डिप्टी सीएम Samrat Choudhary भी मौजूद रहे। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Saraogi और वरिष्ठ नेता Ravi Shankar Prasad ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
नेताओं की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में उत्साह और बढ़ गया। हालांकि मंच से लंबा भाषण नहीं दिया गया। फोकस पूरी तरह होली के उत्सव पर रहा।
नेताओं के रवाना होने के बाद भी कार्यकर्ता देर तक डांस और रंग-गुलाल में मग्न रहे।
कुर्ता फाड़ होली ने बढ़ाया उत्साह
समारोह का एक खास आकर्षण ‘कुर्ता फाड़ होली’ रही। कई कार्यकर्ताओं ने उत्साह में एक-दूसरे के कुर्ते फाड़ दिए। बताया गया कि कुछ विधायकों के कुर्ते भी इस दौरान फाड़े गए।
कुर्ता फाड़ होली को कई जगहों पर परंपरागत अंदाज में खेला जाता है। इसे उत्सव के जोश और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है।
पटना के इस कार्यक्रम में भी यही जोश देखने को मिला।
बिहार के अन्य जिलों में भी दिखी होली की धूम
केवल पटना ही नहीं, बिहार के अन्य जिलों में भी होली का उत्साह चरम पर रहा। पूर्णिया में करीब 40 फीट ऊंची होलिका का दहन किया गया।
लोगों ने पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की। होलिका दहन के साथ ही रंगों का त्योहार औपचारिक रूप से शुरू हो गया।
ग्रामीण और शहरी इलाकों में संगीत, अबीर-गुलाल और मिलन समारोह आयोजित हुए। प्रशासन ने भी शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
क्यों अहम है यह आयोजन?
- राजनीतिक मंच पर उत्सवी एकजुटता का प्रदर्शन
- कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद और अनौपचारिक जुड़ाव
- सोशल मीडिया पर सकारात्मक छवि निर्माण
- चुनावी साल में संगठनात्मक सक्रियता का संकेत
हालांकि यह कार्यक्रम पूरी तरह सांस्कृतिक था, लेकिन राजनीतिक रूप से भी इसकी अहमियत देखी जा रही है।
होली जैसे पर्व पर नेताओं की सक्रिय मौजूदगी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने में भूमिका निभाती है।
पटना का यह होली समारोह राजनीतिक रंग से ज्यादा सांस्कृतिक रंग में डूबा दिखा। गीत-संगीत, फूलों की बारिश और कुर्ता फाड़ होली ने माहौल को यादगार बना दिया।
आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी, लेकिन फिलहाल बिहार में होली का रंग सबसे गाढ़ा नजर आ रहा है।
Source: कार्यक्रम में मौजूद नेताओं के बयान और स्थानीय आयोजन की जानकारी