मेरी रफ्तार पे सूरज की किरण नाज़ करे – प्रेरक प्रार्थना

बिहार राज्य प्रार्थना

मेरी रफ्तार पे सूरज की किरण नाज करे

ऐसी परवाज दे मालिक कि गगन नाज करे

वो नजर दे कि करूँ कद्र हरेक मजहब की

वो मुहब्बत दे मुझे अमनो अमन नाज करे

मेरी खुशबू से महक जाये ये दुनिया मालिक

मुझको वो फूल बना सारा चमन नाज करे

इल्म कुछ ऐसा दे मैं काम सबों के आऊँ

हौसला ऐसा हीं दे गंग जमन नाज करे

आधे रस्ते पे न रूक जाये मुसाफिर के कदम

शौक मंजिल का हो इतना कि थकन नाज करे

दीप से दीप जलायें कि चमक उठे बिहार

ऐसी खूबी दे ऐ मालिक कि वतन नाज करे

🌟 “मेरी रफ्तार पे सूरज की किरण नाज़ करे” एक प्रेरणादायक प्रार्थना/पंक्ति है जो आत्मविश्वास, मेहनत और ऊँचे लक्ष्य पाने की भावना को दर्शाती है।

इसका भाव यह है कि व्यक्ति इतनी लगन और सच्चाई से आगे बढ़े कि उसकी मेहनत पर प्रकृति भी गर्व करे। इसमें सफलता से ज़्यादा हौसले, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास को महत्व दिया गया है।

संक्षेप में, यह पंक्ति हमें सिखाती है कि अपने कर्म और आत्मबल से ऐसा जीवन जिएँ जिस पर दुनिया भी नाज़ करे।
जय बिहार जय बिहार जय जय जय जय बिहार
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