मेरे भारत के कंठहार, तुझको शत-शत वंदन बिहार

📌 पटना और बिहार के सभी ज़िलों की ताज़ा ख़बरें सीधे अपने मोबाइल पर पाएं!

👉 WhatsApp से जुड़ें

बिहार राज्य गीत

मेरे भारत के कंठहार

तुझको शत-शत वंदन बिहार

तू वाल्मीकि की रामायण

तू वैशाली का लोकतंत्र

तू बोधिसत्व की करूणा है

तू महावीर का शांतिमंत्र

तू नालंदा का ज्ञानदीप

तू हीं अक्षत चंदन बिहार

तू है अशोक की धर्मध्वजा

तू गुरूगोविंद की वाणी है

तू आर्यभट्ट तू शेरशाह

तू कुंवर सिंह बलिदानी है

तू बापू की है कर्मभूमि

धरती का नंदन वन बिहार

तेरी गौरव गाथा अपूर्व

तू विश्व शांति का अग्रदूत

लौटेगा खोया स्वाभिमान

अब जाग चुके तेरे सपूत

अब तू माथे का विजय तिलक

तू आँखों का अंजन बिहार

तुझको शत-शत वंदन बिहार

मेरे भारत के कंठहार

🌟 यह गीत बिहार की गौरव गाथा और संस्कृति का प्रतीक है। यह राज्य के महान व्यक्तित्व, इतिहास, शिक्षा और शांति के संदेश को दर्शाता है।
यह गीत स्कूलों, सभाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आज भी बड़े भाव से गाया जाता है।
इसे सुनकर हर नागरिक को बिहार की महानता और गौरव का अनुभव होता है।
जय बिहार जय बिहार जय जय जय जय बिहार
🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
"ताज़ा ख़बरें पाएं"
1