अहम खबर: मिडिल ईस्ट संकट से बिहार में LPG सप्लाई पर असर

 


मिडिल ईस्ट संकट से बिहार में LPG सप्लाई पर असर

LPG Crisis Bihar को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के कारण LPG Crisis Bihar का असर अब राज्य की रसोई तक पहुंचने लगा है। पटना समेत कई जिलों में गैस सिलेंडर की आपूर्ति धीमी पड़ गई है और उपभोक्ताओं को पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है, जबकि बिहार में विशेष शाखा के DIG ने सभी जिलों को अलर्ट जारी कर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन को आशंका है कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ सकती है।


मिडिल ईस्ट संकट का वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर दिया है।

ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समुद्री मार्ग असुरक्षित हो गया है। यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति होती है। जब इस मार्ग पर खतरा बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों और सप्लाई पर सीधा असर पड़ता है।

भारत भी इसी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है, इसलिए इसका प्रभाव देश की गैस और पेट्रोलियम सप्लाई पर पड़ने लगा है।


बिहार में सिलेंडर के लिए बढ़ा इंतजार

बिहार के कई जिलों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है।

राजधानी पटना में पहले जहां गैस बुकिंग के बाद एक-दो दिन में सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब उपभोक्ताओं को चार से सात दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।

कुछ इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें भी देखी जा रही हैं। लोगों को आशंका है कि अगर संकट बढ़ा तो रसोई गैस की उपलब्धता और प्रभावित हो सकती है।

व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर दिखने लगा है क्योंकि कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई कई जगह धीमी पड़ गई है।


कॉमर्शियल सिलेंडर सप्लाई में आई बाधा

पटना में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।

कई स्थानों पर गैस से भरे ट्रक प्लांट के अंदर ही खड़े रह गए हैं और वितरण की प्रक्रिया धीमी हो गई है।

बिहार एलपीजी वितरक संघ के अनुसार अचानक बढ़ी मांग और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण स्थिति जटिल हो गई है।

अगर सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं हुई तो होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों पर भी इसका असर पड़ सकता है।


विशेष शाखा DIG ने जारी किया अलर्ट

स्थिति को देखते हुए बिहार पुलिस की विशेष शाखा ने प्रशासनिक अलर्ट जारी किया है।

विशेष शाखा के DIG ने सभी प्रमंडल आयुक्त, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर सतर्क रहने को कहा है।

पत्र में बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण एलपीजी और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ने की आशंका है।

प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारी रखी जाए।


जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका

अलर्ट में यह भी कहा गया है कि संकट के समय कुछ असामाजिक तत्व गैस सिलेंडर और पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी कर सकते हैं।

ऐसी स्थिति में कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है।

इसी वजह से जिलों को निर्देश दिया गया है कि गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए।

जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है ताकि आम उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।


आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 क्यों लागू किया गया

केंद्र सरकार ने हालात को देखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act 1955) लागू किया है।

यह कानून सरकार को जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई अधिकार देता है।

इसके तहत सरकार स्टॉक लिमिट तय कर सकती है, जमाखोरी और कालाबाजारी पर कार्रवाई कर सकती है और जरूरत पड़ने पर कीमतों को नियंत्रित भी कर सकती है।

इस कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संकट के समय भी आम लोगों को जरूरी वस्तुएं आसानी से मिलती रहें।


कतर और ईरान की स्थिति से बढ़ी चिंता

भारत अपनी एलएनजी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है।

बताया जाता है कि देश अपनी लगभग 54 प्रतिशत एलएनजी जरूरत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से प्राप्त करता है।

इसके अलावा भारत अपनी कुल एलएनजी जरूरत का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा कतर से खरीदता है।

ऐसे में ईरान से जुड़े सैन्य तनाव और कतर के एलएनजी उत्पादन में रुकावट से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है।


आम उपभोक्ताओं के लिए क्या संदेश

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।

सरकार और प्रशासन दोनों ही स्तर पर सप्लाई को सामान्य बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर जमा करने की कोशिश न करें और सामान्य तरीके से बुकिंग करते रहें।

प्रशासन का कहना है कि यदि जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।


Source: प्रशासनिक अलर्ट और ऊर्जा आपूर्ति से संबंधित आधिकारिक जानकारी

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