बड़ा अपडेट: किशनगंज DSP पर EOW का छापा, 60% ज्यादा संपत्ति का मामला

 


किशनगंज DSP पर EOW छापा

बिहार के किशनगंज में किशनगंज DSP पर EOW छापा मंगलवार को उस समय पड़ा जब आर्थिक अपराध इकाई (EOW) ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच शुरू की। किशनगंज DSP पर EOW छापा छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ चलाया जा रहा है। DSP गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने ज्ञात स्रोतों से लगभग 60% अधिक संपत्ति अर्जित की। यह कार्रवाई बिहार के विभिन्न जिलों में चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है।

EOW की छापेमारी: किन ठिकानों पर कार्रवाई?

आर्थिक अपराध इकाई ने किशनगंज में DSP गौतम कुमार के कुल 6 ठिकानों को निशाना बनाया है।

इनमें उनके निजी आवास, रिश्तेदारों से जुड़े स्थान और अन्य संदिग्ध संपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं। टीम सुबह से ही दस्तावेजों की जांच और संपत्ति से जुड़े सबूत जुटाने में लगी है।

सूत्रों के अनुसार, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं, जिससे बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।

आय से 60% ज्यादा संपत्ति का आरोप

DSP गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने आधिकारिक वेतन और ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति जमा की है।

EOW की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि कुल संपत्ति उनकी वैध आय से लगभग 60% ज्यादा हो सकती है।

इस आधार पर आर्थिक अपराध इकाई ने केस दर्ज कर लिया है और अब विस्तृत वित्तीय जांच शुरू कर दी गई है।

अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला राज्य में बड़े भ्रष्टाचार मामलों में शामिल हो सकता है।

महिला मित्र के नाम संपत्ति खरीदने का मामला

जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है।

बताया जा रहा है कि DSP गौतम कुमार ने कई जमीन और संपत्तियां अपनी महिला मित्र शगूफ्ता खातून के नाम खरीदी थीं।

इसके बाद उन संपत्तियों को शगूफ्ता खातून ने DSP के बेटों को गिफ्ट कर दिया।

इस तरह की लेन-देन प्रक्रिया को जांच एजेंसियां ‘बेनामी संपत्ति’ के एंगल से देख रही हैं।

EOW अब इन सभी ट्रांजैक्शनों की गहराई से पड़ताल कर रही है।

सहरसा में DRDO अधिकारी पर भी कार्रवाई

यह मामला सिर्फ किशनगंज तक सीमित नहीं है।

सहरसा और मुजफ्फरपुर में DRDO निदेशक वैभव कुमार के 6 ठिकानों पर भी EOW की छापेमारी चल रही है।

उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी आय से लगभग 70% अधिक संपत्ति अर्जित की है।

इससे साफ है कि आर्थिक अपराध इकाई राज्य में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के मामलों की जांच कर रही है।

आगे क्या हो सकता है?

EOW की जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

अगर पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल हो सकती है।

इसके अलावा, अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

राज्य में इस तरह की कार्रवाई से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने का संदेश दिया जा रहा है।

लगातार अपडेट जारी

यह एक विकसित होती हुई खबर है और जांच एजेंसियां लगातार नए तथ्य जुटा रही हैं।

आने वाले समय में इस मामले में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे ताजा अपडेट के लिए विश्वसनीय स्रोतों से जुड़े रहें।


Source: मीडिया रिपोर्ट्स व प्रारंभिक जांच जानकारी

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