पटना में होली पर अस्पताल हाई अलर्ट की घोषणा की गई है। 3 से 5 मार्च तक राजधानी के प्रमुख मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन ने यह फैसला संभावित हादसों और मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए लिया है। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और एम्स में कुल 85 से अधिक बेड रिजर्व किए गए हैं। होली पर अस्पताल हाई अलर्ट के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी तय कर दी गई है और इमरजेंसी सेवाओं को 24 घंटे सक्रिय रखा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि त्योहार के दौरान अक्सर आंखों में रंग जाने, त्वचा एलर्जी, सड़क दुर्घटनाएं और फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ जाते हैं। इन्हीं जोखिमों को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारी की गई है।
Patna Medical College and Hospital से AIIMS Patna तक सख्त तैयारी
राजधानी के चार बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पतालों—Patna Medical College and Hospital (PMCH), Indira Gandhi Institute of Medical Sciences (IGIMS), Nalanda Medical College and Hospital (NMCH) और AIIMS Patna—को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
इन अस्पतालों में कुल 85 से ज्यादा बेड केवल होली से जुड़ी संभावित घटनाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। ट्रॉमा, इमरजेंसी और विशेष वार्डों को सक्रिय मोड में रखा गया है।
पटना एम्स के ट्रॉमा सेंटर में 20 अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं, ताकि गंभीर रूप से घायल मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, छुट्टियां रद्द
होली के दौरान मेडिकल रिस्क को देखते हुए कई विभागों के डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
नेत्र रोग, हड्डी रोग और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों को 3 से 5 मार्च तक अस्पताल परिसर में ही मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को ध्यान में रखते हुए त्वरित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
वेंटिलेटर, दवाएं और एंबुलेंस अलर्ट मोड में
अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक रखा गया है। वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम की जांच कर उन्हें पूरी तरह तैयार रखा गया है।
शहर में एंबुलेंस की तैनाती रणनीतिक रूप से की गई है, ताकि किसी भी कॉल पर कम से कम समय में रिस्पांस दिया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि हर इमरजेंसी कॉल को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
इमरजेंसी में इन नंबरों पर करें संपर्क
त्योहार के दौरान यदि किसी को मेडिकल इमरजेंसी होती है, तो घबराने के बजाय सीधे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
- पीएमसीएच कंट्रोल रूम: 0612-2300080
- आईजीआईएमएस हेल्पलाइन: 9473191807
- पटना एम्स हेल्पलाइन: 0612-2451070
सिविल सर्जन कार्यालय भी पूरी तरह सक्रिय रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि रंगों का इस्तेमाल सावधानी से करें और किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में तुरंत चिकित्सीय सहायता लें।
क्यों जरूरी है यह तैयारी?
होली खुशियों और रंगों का त्योहार है, लेकिन लापरवाही कई बार गंभीर परिणाम दे सकती है। कैमिकल युक्त रंग आंखों और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। तेज रफ्तार बाइक राइड और नशे की हालत में वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं।
इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन ने पहले से ही तैयारी मजबूत कर दी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में जान-माल का नुकसान कम से कम हो।
विशेषज्ञों की सलाह है कि ऑर्गेनिक रंगों का उपयोग करें, आंखों की सुरक्षा रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल से संपर्क करें।
पटना प्रशासन का यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है। त्योहार के दौरान चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना ही इसका मुख्य उद्देश्य है।
यदि आप भी होली की तैयारी कर रहे हैं, तो इस जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करना उपयोगी हो सकता है।
Source: स्वास्थ्य विभाग, पटना प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी
