हिमाचल बजट 2026: सैलरी कटौती का बड़ा फैसला, राहत भी

 

हिमाचल बजट 2026 में क्या हुआ, कब लागू होगा, कहाँ असर दिखेगा, किस पर लागू होगा, क्यों लिया गया और कैसे लागू होगा—इन सभी सवालों के जवाब इस अहम खबर में हैं। हिमाचल बजट 2026 के तहत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में बड़ा फैसला लेते हुए मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों की सैलरी में 6 महीने तक कटौती का ऐलान किया। हिमाचल बजट 2026 का उद्देश्य बढ़ते वित्तीय संकट से राज्य को बाहर निकालना और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाना है।


सैलरी कटौती पर सरकार का बड़ा फैसला

राज्य सरकार ने खर्च कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री की सैलरी में 50% तक की कटौती की जाएगी।

मंत्रियों की सैलरी 30% और विधायकों की 20% कम की जाएगी। वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों जैसे मुख्य सचिव, सचिव और डीजीपी की सैलरी में भी 30% तक कटौती होगी।

अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन में 20% तक की कटौती लागू की जाएगी। यह फैसला अगले 6 महीनों तक प्रभावी रहेगा।


बजट में 3,586 करोड़ रुपये की कटौती क्यों?

सरकार ने इस साल का कुल बजट घटाकर 54,928 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले साल 58,514 करोड़ रुपये था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद करने से राज्य पर भारी दबाव पड़ा है।

इसके अलावा, जीएसटी मुआवजा और अन्य फंड्स में देरी ने भी वित्तीय संकट को और गहरा किया है।


25,000 करोड़ के नुकसान का बड़ा असर

सरकार के अनुसार, जीएसटी युक्तिकरण के कारण हिमाचल प्रदेश को करीब 25,000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है।

साथ ही BBMB और जीएसटी मुआवजे के लगभग 7,000 करोड़ रुपये अभी तक नहीं मिले हैं।

इन हालात को देखते हुए सरकार ने लोकलुभावन फैसलों से दूरी बनाकर वित्तीय सुधार पर फोकस करने का निर्णय लिया है।


आम लोगों के लिए राहत की घोषणाएं

इस सख्त फैसले के बीच सरकार ने आम जनता को राहत देने की भी कोशिश की है।

एक लाख गरीब परिवारों के लिए “मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना” शुरू की जाएगी। इसके तहत 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और आर्थिक सहायता दी जाएगी।

इस फैसले से लोगों को राहत मिलेगी, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को, जो बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं।


कृषि, पशुपालन और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस

सरकार ने कृषि और ग्रामीण विकास के लिए भी बड़े प्रावधान किए हैं।

  • प्रमुख फसलों का MSP बढ़ाने की घोषणा
  • पशुपालन के लिए 734 करोड़ रुपये का बजट
  • राज्य किसान आयोग का गठन
  • प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

साथ ही, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भी वृद्धि की गई है। दृष्टिबाधित लोगों की पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है।

महिलाओं, बच्चों और समाज कल्याण योजनाओं के लिए 1,544 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।


विकास कार्यों और नई योजनाओं पर जोर

ग्रामीण क्षेत्रों में रुके हुए 300 से अधिक विकास कार्यों के लिए 500 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

खानाबदोश समुदायों के लिए 300 करोड़ रुपये की नई योजना लाई गई है।

इसके अलावा, कुक्कुट विकास के लिए 62 करोड़ रुपये और प्राकृतिक कृषि योजना का विस्तार भी किया जाएगा।


क्या यह फैसला भविष्य के लिए संकेत है?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम अस्थायी है, लेकिन यह राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों से सहयोग की अपील की है ताकि हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बन सके।

यह फैसला आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।


Source: राज्य बजट भाषण एवं आधिकारिक बयान

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