बड़ा अपडेट: बिहार में पहली बार BJP का CM? सियासी हलचल तेज

 


बिहार की राजनीति में बड़ा अपडेट सामने आया है। क्या, कब, कहां, कौन, क्यों और कैसे—इन सभी सवालों के केंद्र में हैं नीतीश कुमार। चर्चा है कि वे जदयू कोटे से राज्यसभा के लिए नामांकन कर सकते हैं। यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो बिहार में पहली बार बीजेपी कोटे से मुख्यमंत्री बनने की संभावना बन सकती है। इसी बीच एनडीए विधायकों को पटना बुलाया गया है। नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन की अटकलों ने राज्य की राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है।


क्या राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार 5 मार्च राज्यसभा नामांकन की अंतिम तारीख है।

ऐसी चर्चा है कि नीतीश कुमार उसी दिन नामांकन दाखिल कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अगर वे राज्यसभा सदस्य बनते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। संविधान के प्रावधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता।


क्या बिहार को मिलेगा पहला BJP मुख्यमंत्री?

यदि मुख्यमंत्री पद खाली होता है, तो गठबंधन की प्रमुख पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने नेता को आगे कर सकती है।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह स्थिति बनी तो बिहार में पहली बार बीजेपी का कोई नेता मुख्यमंत्री बन सकता है।

बीजेपी की ओर से वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी का नाम चर्चा में है, हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।


जदयू में अंदरूनी दबाव

दूसरी ओर, जदयू के कई नेता नहीं चाहते कि नीतीश कुमार राज्य की कमान छोड़ें।

कुछ मंत्रियों ने उनसे मुलाकात कर आग्रह किया कि वे बिहार का नेतृत्व जारी रखें।

पार्टी के भीतर यह भी राय सामने आई है कि यदि वे दिल्ली जाते हैं, तो उनके बेटे निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दी जाए।


एनडीए विधायकों की बैठक क्यों अहम?

बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच एनडीए के सभी विधायकों को पटना बुलाया गया है।

इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे राज्यसभा चुनाव की रणनीति और संभावित नेतृत्व परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है।

यदि विधायक दल की बैठक में कोई बड़ा निर्णय होता है, तो तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।


संजय झा की लंबी बैठक के संकेत

जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने हाल ही में नई दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की।

इसके बाद पटना लौटकर उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक की।

इस लंबी चर्चा के बाद राजनीतिक हलकों में यह अटकल तेज हो गई कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए तैयार हो गए हैं।


आगे की प्रक्रिया क्या होगी?

अगर नीतीश कुमार नामांकन करते हैं और निर्वाचित होते हैं, तो उन्हें पहले वर्तमान सदन की सदस्यता और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा।

इसके बाद एनडीए विधायक दल नया नेता चुनेगा। राज्यपाल उस नेता को सरकार बनाने का आमंत्रण देंगे।

यह पूरी प्रक्रिया संवैधानिक ढांचे के तहत होगी और गठबंधन की सहमति अहम भूमिका निभाएगी।


क्या बदलेंगे बिहार के राजनीतिक समीकरण?

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की स्थिति में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है।

बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना सत्ता संतुलन को नई दिशा दे सकता है, वहीं जदयू के भीतर नेतृत्व की नई परत उभर सकती है।

हालांकि, अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सभी फैसले आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे।

बिहार की सियासत फिलहाल संभावनाओं और रणनीतियों के दौर से गुजर रही है।

राज्यसभा नामांकन, एनडीए की बैठक और जदयू की आंतरिक चर्चा—तीनों घटनाक्रम आने वाले समय में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।


Source: मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक सूत्रों के आधार पर

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