बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच अब बिहार में नई सरकार का फॉर्मूला भी चर्चा में आ गया है। खबर है कि बिहार में नई सरकार का फॉर्मूला इस बार बदला हुआ हो सकता है और दो की जगह सिर्फ एक डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 6 मार्च को शाम 5 बजे पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू नेताओं की अहम बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री चेहरे पर चर्चा हो सकती है।
राजनीतिक हलकों में इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शाम 5 बजे होगी अहम बैठक
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार शाम 5 बजे अपने सरकारी आवास पर पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है।
इस बैठक में जेडीयू के विधायक, सांसद और विधान परिषद सदस्य शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में नई सरकार के गठन, संभावित नेतृत्व परिवर्तन और गठबंधन के भविष्य को लेकर चर्चा हो सकती है।
साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार पार्टी नेताओं को अपने राज्यसभा जाने के फैसले की पृष्ठभूमि समझा सकते हैं।
नई सरकार में बदल सकता है डिप्टी CM का फॉर्मूला
अब तक बिहार में एनडीए सरकार के तहत एक मुख्यमंत्री और भाजपा के दो डिप्टी मुख्यमंत्री का फॉर्मूला रहा है।
लेकिन नई सरकार में यह व्यवस्था बदल सकती है।
सूत्रों के अनुसार इस बार दो की जगह केवल एक डिप्टी सीएम बनाने की संभावना जताई जा रही है।
कुछ राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
वर्तमान विधानसभा में किसके पास कितनी ताकत?
2025 के विधानसभा चुनाव के बाद एनडीए गठबंधन की स्थिति काफी मजबूत है।
विधानसभा में दलों की मौजूदा संख्या इस प्रकार बताई जा रही है:
एनडीए गठबंधन
- बीजेपी – 89 विधायक
- जेडीयू – 84 विधायक
- लोजपा (आर) – 19 विधायक
- हम – 5 विधायक
- रालोमो – 4 विधायक
महागठबंधन
- आरजेडी – 25 विधायक
- कांग्रेस – 6 विधायक
- वाम दल – 3 विधायक
- एआईएमआईएम – 5 विधायक
- निर्दलीय – 1
- बसपा – 1
इन आंकड़ों के आधार पर एनडीए सरकार मजबूत स्थिति में दिखाई देती है।
बिहार के नए मुख्यमंत्री की रेस में कौन?
नीतीश कुमार के संभावित रूप से मुख्यमंत्री पद छोड़ने की चर्चा के बाद नए मुख्यमंत्री के नामों को लेकर भी कई अटकलें सामने आ रही हैं।
राजनीतिक चर्चाओं में जिन नामों का जिक्र हो रहा है, उनमें शामिल हैं:
- सम्राट चौधरी
- विजय सिन्हा
- नित्यानंद राय
- दिलीप जायसवाल
- संजय जायसवाल
इन नेताओं को भाजपा के संभावित मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।
कुछ चौंकाने वाले नाम भी चर्चा में
राजनीतिक गलियारों में कुछ ऐसे नाम भी सामने आ रहे हैं जो सभी को चौंका सकते हैं।
इनमें भाजपा के दलित नेता जनक राम, महिला विधायक श्रेयसी सिंह और गायत्री देवी के नाम भी चर्चा में हैं।
हालांकि इन नामों पर अभी केवल राजनीतिक अटकलें ही लगाई जा रही हैं।
क्या जेडीयू का ही रह सकता है मुख्यमंत्री?
एक संभावना यह भी बताई जा रही है कि मुख्यमंत्री पद जेडीयू के पास ही बना रह सकता है।
अगर ऐसा होता है तो पार्टी के भीतर से नए मुख्यमंत्री चेहरे की तलाश की जा सकती है।
जेडीयू के जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें शामिल हैं:
- विजय कुमार चौधरी
- श्रवण कुमार
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुख्यमंत्री पद भाजपा के पास जाने की संभावना अधिक है।
क्या बदल सकता है बिहार का सियासी समीकरण?
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में कई बार बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
गठबंधन बदलने और राजनीतिक समीकरणों के कारण सत्ता का संतुलन कई बार बदला है।
हालांकि मौजूदा स्थिति में एनडीए गठबंधन मजबूत दिखाई देता है।
इस कारण किसी बड़े राजनीतिक उलटफेर की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री के ऐलान की संभावित तारीख
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान जल्द किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि:
- 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होने हैं
- इसके बाद राम नवमी (29 मार्च) के आसपास मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा संभव है
हालांकि यह तारीखें अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई हैं।
क्या फिर बदल सकती है बिहार की राजनीति?
बिहार की राजनीति अक्सर अपने अप्रत्याशित घटनाक्रमों के लिए जानी जाती है।
ऐसे में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला आने तक कई तरह की अटकलें जारी रह सकती हैं।
आज होने वाली जेडीयू की बैठक के बाद राजनीतिक तस्वीर कुछ हद तक साफ हो सकती है।
राज्य की राजनीति पर नजर रखने वाले सभी लोग अब इसी बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
Source: मीडिया रिपोर्ट्स / राजनीतिक सूत्र