पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में बड़ा अपडेट, फाइनल लिस्ट जारी

 


पटना में पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव 2025-26 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने नामांकन जांच और नाम वापसी के बाद फाइनल उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव 2025-26 के तहत 28 फरवरी को सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन मतगणना भी पूरी की जाएगी। प्रचार 26 फरवरी शाम 4:30 बजे थम जाएगा। चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।


अध्यक्ष और मुख्य पदों पर कड़ा मुकाबला

‘मिनी विधानसभा’ कहे जाने वाले पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में इस बार मुकाबला रोचक दिख रहा है।

अध्यक्ष पद के लिए कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें अभिषेक कुमार, आंचल कुमार, अनुष्का कुमारी, दिव्या कुमारी, गीता कुमारी, प्रिंस कुमार, रिंकल यादव, सबा आफरीन, संटु कुमार, शांतनु शेखर और शिव कुमार शामिल हैं।

उपाध्यक्ष पद के लिए 8, महासचिव के लिए 9, संयुक्त सचिव के लिए 6 और कोषाध्यक्ष पद के लिए 7 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

सेंट्रल पैनल में कुल 41 प्रत्याशी मैदान में हैं।


मतदान और काउंटिंग का पूरा शेड्यूल

विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है:

  • 26 फरवरी 2026, शाम 4:30 बजे प्रचार समाप्त
  • 28 फरवरी 2026, सुबह 8:30 से 2:30 बजे तक मतदान
  • 28 फरवरी को ही देर रात तक परिणाम घोषित
  • मतगणना पटना आर्ट कॉलेज में होगी

प्रशासन ने साफ किया है कि तय तारीख पर ही मतदान होगा। किसी भी परिस्थिति में शेड्यूल में बदलाव नहीं किया जाएगा।


उम्मीदवारों के लिए सख्त आचार संहिता

चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण रखने के लिए सभी प्रत्याशियों से शपथ पत्र लिया गया है।

उम्मीदवारों ने लिखित में दिया है कि वे परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करेंगे और उनके समर्थक अनुशासन बनाए रखेंगे।

साथ ही, प्रत्याशियों ने यह भी घोषणा की है कि उन्होंने अब तक प्रचार पर कोई राशि खर्च नहीं की है।

यदि कोई उम्मीदवार ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ का उल्लंघन करता है, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।


विभिन्न संकायों में परिषद सदस्य

मुख्य पदों के अलावा परिषद सदस्य (Council Member) पदों के लिए भी मुकाबला है।

  • फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज: 4 उम्मीदवार
  • सोशल साइंस: 6 उम्मीदवार
  • साइंस कॉलेज: 4 उम्मीदवार
  • पटना वीमेंस कॉलेज: 7 उम्मीदवार

इसके अलावा वाणिज्य महाविद्यालय और बिहार नेशनल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों में भी दावेदारी पेश की गई है।

कुल मिलाकर काउंसिल सदस्य के लिए 34 उम्मीदवार मैदान में हैं।


क्यों अहम है यह चुनाव?

पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव केवल कैंपस राजनीति तक सीमित नहीं रहता। यहां से कई छात्र नेता आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

इसलिए इसे ‘मिनी विधानसभा’ भी कहा जाता है।

इस चुनाव से छात्रों की नीतिगत प्राथमिकताएं, कैंपस मुद्दे और नेतृत्व क्षमता सामने आती है।


छात्रों और अभिभावकों पर असर

यह चुनाव छात्रों के लिए प्रतिनिधित्व और आवाज का मंच है।

इस फैसले से लोगों को यह भरोसा मिलता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता देता है।

शांतिपूर्ण चुनाव से शैक्षणिक माहौल बेहतर होता है और छात्रों का विश्वास मजबूत होता है।


पहले क्यों उठे थे सवाल?

कुछ समय पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि छात्र संघ चुनाव समय पर नहीं हो पाएंगे।

लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाएं तय समयसीमा में पूरी की गई हैं और मतदान निर्धारित तिथि पर ही होगा।

इस घोषणा के बाद छात्र संगठनों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है।


आगे क्या?

अब सभी उम्मीदवार 26 फरवरी तक प्रचार में जुटे रहेंगे।

28 फरवरी को मतदान के बाद देर रात तक परिणाम आने की संभावना है।

कौन बनेगा अध्यक्ष? किसे मिलेगा उपाध्यक्ष पद? यह फैसला छात्रों के वोट से तय होगा।

पटना यूनिवर्सिटी परिसर में चुनावी माहौल चरम पर है। पोस्टर, संवाद और कैंपस डिबेट के बीच छात्रों की निगाह अब मतदान दिवस पर टिकी है।

यह चुनाव न केवल नेतृत्व चुनेगा, बल्कि आने वाले शैक्षणिक वर्ष की दिशा भी तय करेगा।


Source: पटना विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना

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