पटना। बिहार की राजधानी पटना को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को दीघा पर्यटन घाट का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनार्दन घाट को विकसित कर पक्का घाट बनाया जाए और यहां वाराणसी की तर्ज पर भव्य गंगा आरती की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पर्यटकों के लिए बनेगा समग्र उद्यान
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को दीघा घाट पर समग्र उद्यान के निर्माण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे आने वाले पर्यटकों को सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि उच्च स्तरीय बुनियादी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा—
“गंगा दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। व्यवस्था ऐसी हो कि लोग सपरिवार यहां आकर समय बिता सकें और आनंद ले सकें।”
जेपी सेतु के समानांतर बन रहे सिक्स लेन ब्रिज का भी निरीक्षण
दीघा घाट के बाद मुख्यमंत्री ने जेपी सेतु के समानांतर बन रहे नए सिक्स लेन गंगा ब्रिज के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को तेज गति से और तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
बताया गया कि इस पुल के चालू होने के बाद—
- पुराने जेपी सेतु पर यातायात का दबाव कम होगा
- उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी
- आवागमन ज्यादा तेज, सुरक्षित और सुगम बनेगा
उत्तर-दक्षिण बिहार को मिलेगा बड़ा फायदा
नया सिक्स लेन गंगा ब्रिज शुरू होने से राजधानी पटना समेत आसपास के जिलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में मदद करेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी गति देगी।
इनकी रही मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ—
- प्रधान सचिव दीपक कुमार
- मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह
- पर्यटन विभाग के सचिव नीलेश रामचन्द्र देव
- नगर आयुक्त यशपाल मीणा
- पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम.
सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
