पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन में उस वक्त जबरदस्त गरमागरमी देखने को मिली, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। चुनावी खर्च, लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून-व्यवस्था को लेकर तेजस्वी के आरोपों के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ।
शायराना अंदाज में शुरुआत, सरकार पर सीधा वार
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शायराना अंदाज में अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि एनडीए ने जनता का भरोसा जीतने के बजाय धनबल का सहारा लेकर चुनाव जीता। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि—
“बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को हराने के लिए एनडीए ने करीब 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए।”
तेजस्वी ने सवाल उठाया कि यह पैसा कहां से आया और किसका था, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि—
“इतनी भारी रकम खर्च करने के बावजूद एनडीए को जनता के बीच संघर्ष करना पड़ा।”
लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था पर सवाल
भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक ढांचे पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि—
- बिहार में लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है
- राज्य में भय का शासन कायम है
- विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है
- आम जनता को डराकर सत्ता चलाई जा रही है
तेजस्वी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि मुद्दों की राजनीति छोड़कर डराने-धमकाने की राजनीति की जा रही है, जो बिहार के भविष्य के लिए खतरनाक है।
40 हजार करोड़ के दावे पर सत्ता पक्ष का हंगामा
तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद सत्ता पक्ष के विधायकों ने कड़ा विरोध जताया। एनडीए नेताओं ने 40 हजार करोड़ खर्च वाले आरोप को
- आधारहीन
- भ्रामक
- और हताशा में दिया गया बयान
बताया। इस दौरान सदन में काफी देर तक शोर-शराबा चलता रहा।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का पलटवार
तेजस्वी यादव की बात समाप्त होते ही उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा अपनी सीट से खड़े हुए और पलटवार करते हुए
- लालू प्रसाद यादव का नाम लेते हुए
- उन्हें “चारा चोर” कहा
- और बिहार में जंगलराज की बात दोहराई
इसके बाद सदन का माहौल और ज्यादा गर्म हो गया।
