पटना: एयरपोर्ट से लौटते ही जैसे ही पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अपने उत्तरी मंदिरी स्थित आवास पहुंचे, कुछ ही देर बाद गर्दनीबाग थाना की पुलिस टीम वारंट लेकर उनके दरवाजे पर पहुंच गई। उस समय सांसद के घर पर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे, जिसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
करीब ढाई घंटे तक पुलिस और समर्थकों के बीच रस्साकशी चलती रही। समर्थक गिरफ्तारी का विरोध करते रहे, लेकिन अंततः देर रात पप्पू यादव को पुलिस के साथ जाना पड़ा। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद एक बार फिर सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह चर्चा के केंद्र में आ गए।
पप्पू यादव को करीब 32 साल पुराने (1995) एक मामले में वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
कौन हैं IPS भानु प्रताप सिंह?
आईपीएस भानु प्रताप सिंह को बिहार पुलिस के सख्त, निडर और एक्शन-ओरिएंटेड अफसर के रूप में जाना जाता है।
- मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के निवासी
- हिंदी साहित्य में MA की डिग्री
- वर्ष 2018 से 2020 तक लगातार तीन बार UPSC परीक्षा पास
- UPPCS में भी सफलता हासिल की
- वर्तमान में बिहार कैडर के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी
अपराध और ‘सफेदपोश’ राजनीति के खिलाफ सख्त रुख
- ट्रेनिंग के बाद पहली बड़ी पोस्टिंग मुजफ्फरपुर में टाउन ASP के रूप में
- अपराधियों और प्रभावशाली नेताओं के खिलाफ खुद मोर्चा संभालने के लिए जाने जाते हैं
- कई बार अपराधियों के पीछे लाठी लेकर दौड़ने के कारण ‘लाठीचार्ज एक्सपर्ट’ की पहचान
- दानापुर ASP रहते हुए कई हाई-प्रोफाइल मामलों का सफल निपटारा
रीतलाल यादव प्रकरण से मिली पहचान
- दिसंबर 2024 में बाहुबली RJD विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- भारी राजनीतिक रसूख के बावजूद ऐसी कानूनी घेराबंदी की कि आत्मसमर्पण करना पड़ा
- इसी कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में ‘दबंग और निडर अफसर’ की छवि और मजबूत हुई
पप्पू यादव की गिरफ्तारी में भी दिखी सधी रणनीति
सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के दौरान आईपीएस भानु प्रताप सिंह की रणनीति पूरी तरह सफल रही। समर्थकों के भारी विरोध और आवास पर हुए हाई-वोल्टेज हंगामे के बावजूद उन्होंने पूरे ऑपरेशन को धैर्य, संयम और कानूनी सख्ती के साथ अंजाम दिया।
भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रोफेशनल रवैया अपनाया और बिना किसी बड़े टकराव या अप्रिय घटना के इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी को अंजाम दिया। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद अंततः पप्पू यादव को पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
