पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी पटना के मंदिरी इलाके में स्थित उनके आवास से की गई। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ले जाया गया।
गिरफ्तारी के दौरान स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई, जब पप्पू यादव ने पुलिस टीम से वापस जाने को कहा और यह आश्वासन दिया कि वह शनिवार को स्वयं अदालत में पेश होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
नीट छात्रा मौत मामले से जोड़ा आरोप
गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव ने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में नीट की एक छात्रा की मौत के मामले को उठाने और राज्य सरकार की आलोचना करने के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि उक्त मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।
35 साल पुराना मामला बना गिरफ्तारी की वजह
पुलिस के मुताबिक, पप्पू यादव की गिरफ्तारी साल 1995 के एक पुराने मामले में हुई है। उनके खिलाफ पटना के गर्दनीबाग थाना में एफआईआर दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने और उनके करीबियों ने धोखाधड़ी के जरिए एक आवासीय मकान किराए पर लिया और यह जानकारी छिपाई कि उसका उपयोग राजनीतिक कार्यालय के रूप में किया जाएगा।
इस मामले में अदालत में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। तीन दिन पहले कोर्ट ने पप्पू यादव के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था। अदालत में निर्धारित तिथि पर पेश न होने के कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।
पुलिस अधिकारियों का बयान
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने बताया,
“सांसद/विधायक अदालत ने 1995 के एक मामले में पेश न होने पर पप्पू यादव के खिलाफ वारंट जारी किया था, जिसके अनुपालन में गिरफ्तारी की गई।”
वहीं, पटना एसपी भानु प्रताप ने कहा,
“यह गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 552/1995 है। सांसद के खिलाफ IPC की धारा 419, 420, 468, 471, 506 और 120B के तहत कार्रवाई की गई है। अदालत के निर्देश के बावजूद वे पेश नहीं हुए थे।”
