नई दिल्ली: दिल्ली में 800 से अधिक बच्चों के कथित रूप से लापता होने की सोशल मीडिया पर वायरल खबरों को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इसे सुनियोजित साजिश और पेड प्रमोशन करार देते हुए कहा है कि इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जानबूझकर पैनिक फैलाने के लिए भ्रामक कंटेंट फैलाया गया।
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि जांच के दौरान मिले सुरागों से यह साफ हुआ है कि लड़कियों और बच्चों के लापता होने की बढ़ती संख्या को लेकर पैसे के बदले अफवाह फैलाई गई। पुलिस ने सख्त शब्दों में कहा कि आर्थिक लाभ के लिए डर और भ्रम पैदा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
लापता मामलों में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं
इससे पहले दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता संजय त्यागी ने भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि राजधानी में लापता मामलों की संख्या में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में लापता मामलों की रिपोर्टिंग पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कम दर्ज की गई है, जिससे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें तथ्यहीन साबित होती हैं।
बॉलीवुड फिल्म से जुड़ा अफवाह फैलाने का एंगल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और वीडियो क्लिप्स की गहराई से जांच की गई, तो एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। हाल ही में ‘लापता’ थीम पर आधारित एक बॉलीवुड फिल्म रिलीज हुई थी, जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही।
सूत्रों का दावा है कि:
- फिल्म का निर्माण खर्च उसकी अब तक की कमाई से लगभग तीन गुना अधिक था
- फिल्म को फ्लॉप होने से बचाने और चर्चा में लाने के लिए
- दिल्ली में बच्चों के लापता होने को लेकर पेड प्रमोशन के जरिए अफवाह फैलाई गई
इसी वजह से सोशल मीडिया पर अचानक दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देकर डर पैदा करने वाले पोस्ट तेजी से वायरल हुए।
‘अधूरी जानकारी डर में बदल गई’
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा,
“यह सच है कि दिल्ली में बच्चे लापता होते हैं, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि सोशल मीडिया ने अधूरी जानकारी को डर और पैनिक में बदल दिया। वायरल किए गए आंकड़ों ने लोगों को भ्रमित किया।”
वायरल आंकड़े क्या कहते थे?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मीडिया और सोशल मीडिया में एक रिपोर्ट वायरल हुई थी, जिसमें दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया था कि—
- 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 के बीच
- दिल्ली में 807 लोग लापता हुए
- औसतन रोज 54 लोग लापता होने का दावा
इनमें:
- 509 महिलाएं/लड़कियां
- 298 पुरुष
- 191 नाबालिग
- 616 वयस्क शामिल बताए गए
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि 1 से 27 जनवरी के बीच 235 लोगों का पता भी लगा लिया गया, जिसे वायरल पोस्ट में नजरअंदाज किया गया।
दिल्ली पुलिस की जनता से अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि की जानकारी साझा न करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि अगर कोई व्यक्ति लापता होता है तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
