मेलबर्न/नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में महात्मा गांधी की एक भव्य कांस्य प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ और चोरी की गंभीर घटना सामने आई है। इस घटना से न सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय में आक्रोश है, बल्कि भारत सरकार ने भी बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
एंगल ग्राइंडर से काटी गई प्रतिमा
यह घटना मेलबर्न के उपनगर रोविल स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में हुई। विक्टोरिया पुलिस के मुताबिक, तीन अज्ञात अपराधियों ने एक एंगल ग्राइंडर की मदद से प्रतिमा को उसके आधार से काट दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि महात्मा गांधी की प्रतिमा को टखनों के पास से काटा गया, जिसके बाद स्थल पर केवल उनके पैर ही शेष रह गए।
भारत की तीखी प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा,
“हम मेलबर्न में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने और हटाने की घटना की पुरजोर निंदा करते हैं। इस मामले को ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा प्रतिमा की शीघ्र बरामदगी की मांग की गई है।”
प्रतिमा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
यह 426 किलोग्राम वजनी कांस्य प्रतिमा भारत सरकार की ओर से भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के माध्यम से उपहार स्वरूप दी गई थी।
इसका उद्घाटन 12 नवंबर 2021 को ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने किया था।
यह प्रतिमा भारत-ऑस्ट्रेलिया की मित्रता, अहिंसा और शांति के मूल्यों की प्रतीक मानी जाती रही है।
पहले भी बन चुकी है निशाना
चिंता की बात यह है कि यह पहली घटना नहीं है।
2021 में उद्घाटन के महज 24 घंटे के भीतर भी इस प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की कोशिश की गई थी। उस समय भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों ने घटना की निंदा की थी, लेकिन तब भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
पुलिस जांच और समुदाय की प्रतिक्रिया
मामले की जांच विक्टोरिया पुलिस की नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट कर रही है। पुलिस ने कबाड़ व्यापारियों को भी अलर्ट किया है, ताकि यदि कोई इस कांस्य प्रतिमा को बेचने की कोशिश करे तो तुरंत सूचना मिल सके।
मेलबर्न के भारतीय समुदाय ने इस घटना को
- हेट क्राइम,
- और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा हमला
बताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
