पटना: बिहार में रेलवे के बुनियादी ढांचे की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। केंद्र की मोदी सरकार ने बिहार के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बजट में नई रेल लाइनों, टर्मिनल निर्माण और स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए भारी भरकम राशि का प्रावधान किया गया है।
सबसे अहम घोषणा के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) से झाझा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए 17,000 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
🚆 पटना से झाझा तक बदलेगी रेलवे की तस्वीर
DDU–झाझा सेक्शन पर तीसरी और चौथी लाइन बनने से दिल्ली–हावड़ा रेल रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और भीड़भाड़ में कमी आएगी। यह प्रोजेक्ट बिहार के साथ-साथ पूर्वी भारत के रेल नेटवर्क के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।
🏗️ हार्डिंग पार्क में बनेगा वर्ल्ड क्लास रेल टर्मिनल
पटना के हार्डिंग पार्क में बन रहे नए रेल टर्मिनल के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके पूरा होने से:
- पटना जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा
- यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी
- राजधानी की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी
🚄 बिहटा–औरंगाबाद और नवादा–पावापुरी रेल लाइन को रफ्तार
बिहारवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए बिहटा–औरंगाबाद नई रेल लाइन परियोजना को गति दी गई है। यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा होगा:
- बिहटा से अनुग्रह नारायण रोड
- अनुग्रह नारायण रोड से औरंगाबाद
वहीं, नवादा–पावापुरी के बीच 25.10 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के लिए 492.14 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इस लाइन के बनने से जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल पावापुरी को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
🏛️ ‘अमृत भारत योजना’ के तहत हाईटेक होंगे ये स्टेशन
रेलवे बजट में स्टेशनों के कायाकल्प पर भी विशेष जोर दिया गया है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत बिहार के कई प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
- गया
- बेगूसराय
- बरौनी
- दरभंगा
- मधुबनी
इन स्टेशनों पर बेहतर वेटिंग रूम, स्वच्छ शौचालय, आधुनिक सुविधाएं और उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी सीधा लाभ मिलेगा।
📈 बिहार के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
रेल परियोजनाओं में भारी निवेश से बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से बिहार की कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।
