पटना: बिहार में 2 से 6 फरवरी तक किसानों का निबंधन मिशन मोड में किया जाएगा। यह फैसला गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित एग्रीस्टैक परियोजना की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि तय अवधि में फार्मर रजिस्ट्री का काम तेज़ी से पूरा किया जाए।
🎯 मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री के निर्देश
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों से कहा कि राज्य हित सर्वोपरि रखते हुए कार्य किया जाए। उन्होंने एग्रीस्टैक परियोजना के कार्यों में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे राज्य जल्द ही परियोजना के दूसरे चरण में प्रवेश कर सकेगा।
💰 लक्ष्य पूरा करने वाले जिलों को मिलेगा इनाम
मुख्य सचिव ने बताया कि:
- PM किसान योजना से लाभान्वित किसानों का 50% रजिस्ट्रेशन लक्ष्य पूरा करने वाले जिलों को 1.5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी
- जिन जिलों के लिए 35% रजिस्ट्रेशन लक्ष्य निर्धारित है, लक्ष्य पूरा करने पर उन्हें 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी
🚫 किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा
मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पूर्व में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और वसुधा केंद्रों के माध्यम से ली जाने वाली 15 रुपये की सेवा शुल्क अब समाप्त कर दी गई है।
इस राशि का वहन संबंधित विभाग करेगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
🆔 हर रैयत किसान की फार्मर ID अनिवार्य
बैठक में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि राज्य के प्रत्येक रैयत किसान की फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से तैयार की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंच सके।
🏆 बिहार सरकार के प्रयासों की हुई सराहना
28 जनवरी को नई दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यशाला में मुख्य सचिव के नेतृत्व में बिहार सरकार द्वारा किए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री कार्यों की सराहना की गई।
मुख्य सचिव ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को विशेष रूप से बधाई दी।
इनमें शामिल हैं:
- वैशाली
- शिवहर
- बक्सर
- शेखपुरा
- कटिहार
