विधानसभा चुनाव से पहले की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए केंद्र सरकार ने बिहार में 19 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2135.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस फैसले से राज्य के करीब 30 हजार छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी।
किन जिलों में खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय?
राज्य सरकार द्वारा भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। गया, पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, अरवल, मधुबनी, कैमूर, मधेपुरा, शेखपुरा, भोजपुर, भागलपुर, नालंदा, मुंगेर और दरभंगा जिलों में 4 से 5 एकड़ जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेज दिया गया है।
मधुबनी जिले में दो नए विद्यालय खोलने की विशेष मंजूरी दी गई है। इन विद्यालयों में पहली बार बालवाटिका (प्रारंभिक शिक्षा) की भी व्यवस्था होगी।
भूमि और आधारभूत संरचना
शिक्षा विभाग के अनुसार, शहरी क्षेत्र में 2.5 से 4 एकड़ और ग्रामीण क्षेत्र में कम से कम 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। यह जमीन Kendriya Vidyalaya Sangathan को नि:शुल्क हस्तांतरित की जाती है।
स्थायी भवन बनने तक नए विद्यालय अस्थायी रूप से सरकारी भवनों में संचालित किए जाएंगे। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बिजली, पानी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
सीट और नामांकन व्यवस्था
प्रत्येक केंद्रीय विद्यालय में 1520 सीटें निर्धारित होंगी।
- कक्षा 1 में प्रति सेक्शन 40 सीटें होंगी।
- 25% सीटें शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत आरक्षित रहेंगी।
- कक्षा 11 में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय को मिलाकर 120 सीटें निर्धारित की गई हैं।
आरक्षण व्यवस्था के तहत:
- एससी – 15%
- एसटी – 7.5%
- ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) – 27%
- दिव्यांग – 3%
वर्तमान स्थिति और बढ़ती संख्या
फिलहाल बिहार में 16 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं। नए 19 विद्यालय शुरू होने के बाद राज्य में कुल संख्या बढ़कर 35 हो जाएगी।
देशभर में वर्तमान में 1288 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 14 लाख से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं।
क्या होगा फायदा?
नए केंद्रीय विद्यालय खुलने से केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। इससे राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा।
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Reporter: Ajit Kumar, Patna
