बिहार में जमीन के पुराने दस्तावेज और रजिस्ट्री पेपर जून 2026 से ऑनलाइन डाउनलोड किए जा सकेंगे। 600 रुपये फीस देकर विभागीय वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। 1990 से 2005 तक के लगभग 4 करोड़ दस्तावेज स्कैन किए जा चुके हैं।
ऑनलाइन कैसे मिलेगा दस्तावेज?
रजिस्ट्रेशन विभाग के अनुसार, आवेदकों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट Registration Department Bihar पर जाकर आवेदन करना होगा। इसके लिए पोर्टल https://nibandhan.bihar.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।
आवेदन के दौरान खाता नंबर, प्लॉट नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद 600 रुपये की ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी। भुगतान सफल होने के बाद संबंधित दस्तावेज डाउनलोड किए जा सकेंगे।
फिलहाल इस सुविधा का ट्रायल चल रहा है और जून से इसे आम लोगों के लिए पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
कितने दस्तावेज हो चुके हैं डिजिटल?
जानकारी के मुताबिक, बिहार के 141 रजिस्ट्रेशन कार्यालयों में वर्ष 1990 से 2005 तक के करीब 4 करोड़ दस्तावेजों की स्कैनिंग पूरी हो चुकी है। इन्हें पोर्टल पर अपलोड भी किया जा चुका है।
वहीं 1908 से 1990 तक के पुराने दस्तावेजों की स्कैनिंग का काम जारी है, जिसे अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जमीन सर्वे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने बिहार में जमीन सर्वे का कार्य 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत जमीन रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
2026 से नई जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।
पहले क्या थी व्यवस्था?
अब तक जमीन के पुराने कागजात प्राप्त करने के लिए लोगों को रजिस्ट्रेशन कार्यालय में आवेदन देना पड़ता था। दस्तावेज खोजने में कई बार महीनों लग जाते थे। इस प्रक्रिया में समय और मेहनत दोनों अधिक लगते थे।
नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद अब लोग घर बैठे ही आवेदन कर सकेंगे और कुछ ही समय में दस्तावेज प्राप्त कर पाएंगे।
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Reporter: Ajit Kumar, Patna
