पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र 2026 की शुरुआत सोमवार को हुई। सत्र के पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार सरकार की प्राथमिकताएं और भविष्य की योजनाएं गिनाईं। राज्यपाल ने कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में राज्य में एक करोड़ नौकरियां और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
📢 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा,
“सरकार अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरियां और रोजगार के अवसर दे चुकी है। वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘न्याय के साथ विकास’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है और यही उसकी नीति का आधार है।
🗳️ NDA के चुनावी वादे का जिक्र
गौरतलब है कि ‘एक करोड़ रोजगार’ का वादा सत्ताधारी NDA ने 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में किया था। BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भारी बहुमत से चुनाव जीतकर सरकार बनाई थी।
🚔 ‘कानून का राज और सांप्रदायिक सद्भाव सर्वोच्च प्राथमिकता’
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि
“कानून का राज और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए:
- पुलिस बल की संख्या बढ़ाकर 1.21 लाख कर दी गई है
- राज्य में पुलिस स्टेशनों की संख्या 10,380 हो गई है
- बिहार में महिला पुलिसकर्मियों का प्रतिशत देश में सबसे अधिक है
👩👧👦 महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है।
उन्होंने बताया कि राज्य में जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की संख्या बढ़कर 1.40 करोड़ हो चुकी है।
💰 महिलाओं को मिलेंगे 2 लाख रुपये तक
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि:
- महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं
- योजना के तहत सफल लाभार्थियों को 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी
🌾 किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस
राज्यपाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
इसके साथ ही राज्यभर में नए स्कूल, कॉलेज और अस्पताल स्थापित कर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है।
