मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: मार्च अंत तक दूसरी किस्त, 20 हजार रुपये DBT से मिलेंगे

 बिहार की महिला उद्यमियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दूसरी किस्त (20,000 रुपये) मार्च के अंतिम सप्ताह तक जारी की जा सकती है। राशि सीधे बैंक खाते में DBT से भेजी जाएगी। पात्रता जांच और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद ही भुगतान होगा।


दूसरी किस्त में 20 हजार रुपये, DBT से सीधा भुगतान

बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत दूसरी किस्त जारी करने की तैयारी तेज है। जिन महिलाओं को नवंबर में पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये मिले थे, वे दूसरी किस्त की पात्र होंगी।

दूसरी किस्त में 20,000 रुपये सीधे महिला उद्यमी के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजे जाएंगे। हालांकि इस चरण में लाभार्थी को 5,000 रुपये का स्वयं का अंशदान भी जोड़ना होगा, ताकि कुल राशि से व्यवसाय को आगे बढ़ाया जा सके।


चयन प्रक्रिया जारी, जिला स्तर पर सूची तैयार

दूसरी किस्त से पहले पात्र महिला उद्यमियों का चयन किया जा रहा है। जीविका दीदी के जिला कार्यालयों को योग्य महिलाओं की सूची तैयार कर मुख्यालय भेजनी है।

अधिकारियों के अनुसार प्रक्रिया अंतिम चरण में है और सूची जल्द प्रेषित की जाएगी। अंतिम तिथि पर आधिकारिक स्पष्टता शीघ्र जारी होने की संभावना है।


किस्तों में मिलेगी पूरी सहायता राशि

योजना के तहत आर्थिक सहायता चरणबद्ध तरीके से दी जा रही है:

  • पहली किस्त: 10,000 रुपये (जारी)
  • दूसरी किस्त: 20,000 रुपये (मार्च अंत तक संभावित) – 5,000 रुपये अंशदान आवश्यक
  • तीसरी किस्त: 40,000 रुपये – 10,000 रुपये अंशदान
  • चौथी किस्त: 60,000 रुपये – 15,000 रुपये अंशदान

हर चरण में महिला को लगभग 25% तक अपनी हिस्सेदारी जोड़नी होगी। विभाग समय-समय पर निगरानी करेगा, ताकि उद्यम सही तरीके से संचालित हो।


दूसरी किस्त के लिए जरूरी मानक

दूसरी किस्त जारी होने से पहले कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • उद्योग/व्यवसाय का फिजिकल वेरिफिकेशन
  • जीविका समूह से जुड़ाव अनिवार्य
  • समूह की बैठकों में नियमित उपस्थिति
  • आय-व्यय का सही रिकॉर्ड प्रस्तुत करना

सभी मानक पूरे होने के बाद ही राशि खाते में भेजी जाएगी। तीसरी और चौथी किस्त के लिए अलग-अलग मापदंड तय किए जाएंगे।


महिलाओं के लिए क्यों खास है योजना?

यह योजना ग्रामीण और शहरी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम है। छोटे व्यवसाय—जैसे सिलाई, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, किराना, ब्यूटी पार्लर आदि—को बढ़ावा देने के लिए पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चरणबद्ध सहायता और अंशदान मॉडल से महिलाओं में जिम्मेदारी और उद्यमिता कौशल विकसित होगा।


आगे क्या?

अब सभी की नजर मार्च के अंतिम सप्ताह पर है, जब दूसरी किस्त जारी होने की संभावना है। पात्र महिलाएं अपने दस्तावेज और रिकॉर्ड अपडेट रखें, ताकि भुगतान में देरी न हो।


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Reporter: Ajit Kumar, Patna


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