बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू, मगध के 13 नए विधायकों पर रहेगी खास नजर

 बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू, मगध के 13 नए विधायकों पर रहेगी खास नजर


बिहार विधानसभा का बजट सत्र सोमवार, 2 फरवरी से शुरू हो गया है। इस सत्र के दौरान राजनीतिक गलियारों और आम जनता की नजरें खास तौर पर मगध क्षेत्र के 13 नए विधायकों पर टिकी रहेंगी, जो पहली बार विधानसभा के सदन में पहुंचे हैं। मगध प्रमंडल से कुल 26 विधायक हैं, जिनमें आधे नए चेहरे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पहली बार चुने गए विधायकों से जनता की अपेक्षाएं अधिक होती हैं और उनके सदन में व्यवहार, मुद्दे उठाने की शैली और प्राथमिकताओं को लेकर उत्सुकता भी बनी रहती है।


इन विधानसभा सीटों के नए विधायक रहेंगे चर्चा में

गया जिले की टेकारी, अतरी, गुरुआ और शेरघाटी विधानसभा सीटों से निर्वाचित विधायक पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं।
हालांकि गुरुआ से विधायक उपेंद्र प्रसाद पहले विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं, लेकिन विधानसभा के लिहाज से वह भी नए माने जा रहे हैं।

कांग्रेस नेता मोहम्मद मूसा के अनुसार, नए विधायकों में भी कुछ चेहरों पर विशेष रूप से नजर रहेगी, जिनमें अतरी, घोसी, शेरघाटी और औरंगाबाद के विधायक शामिल हैं। इसके पीछे अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक कारण बताए जा रहे हैं।


अतरी और घोसी के युवा विधायक क्यों हैं खास?

अतरी से विधायक रोमित कुमार और घोसी से विधायक ऋतुराज कुमार रिश्ते में चचेरे भाई हैं। दोनों युवा हैं और अपने कई वरिष्ठ साथियों की तुलना में शैक्षणिक रूप से अधिक योग्य माने जाते हैं।
दोनों ने ही अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को हराकर जीत हासिल की है, जिससे उनके प्रदर्शन को लेकर अपेक्षाएं और बढ़ गई हैं।


घोसी विधायक की प्राथमिकता: बाढ़ की समस्या

घोसी के विधायक ऋतुराज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके क्षेत्र में अचानक आने वाली बाढ़ सबसे बड़ी समस्या है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट सत्र के दौरान बाढ़ नियंत्रण उपायों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। इसके अलावा, वह अपने क्षेत्र से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अध्ययन कर रहे हैं।

वहीं अतरी विधायक रोमित कुमार से संपर्क नहीं हो सका, लेकिन राजनीतिक जानकारों को बुद्ध महोत्सव के उद्घाटन के दौरान दिए गए उनके बेबाक बयान याद हैं, जहां उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन में रहते हुए भी व्यवस्थाओं की खुलकर आलोचना की थी। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि विधानसभा में भी वह मुखर भूमिका निभा सकते हैं।


शेरघाटी और औरंगाबाद के विधायकों के सामने चुनौतियां

शेरघाटी के विधायक उदय कुमार सिंह लंबे समय से रेत खनन कारोबार से जुड़े रहे हैं। इसी वजह से पर्यावरण से जुड़े संगठनों की नजरें उनके कामकाज पर टिकी रहेंगी।
राजनीतिक हलकों में उनके व्यवसाय और जनप्रतिनिधि की भूमिका के बीच हितों के टकराव को लेकर भी चर्चा है। हाल ही में एक DISHA बैठक में रेत खनन को लेकर लंबे समय तक नियमन का प्रस्ताव भी सामने आया था।

औरंगाबाद के विधायक त्रिविक्रम सिंह का कहना है कि वह अभी अपनी प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया में हैं। हालांकि जानकारों का मानना है कि उन्हें स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के साथ-साथ ‘बाहरी उम्मीदवार’ के टैग से भी निपटना पड़ सकता है।


बजट सत्र में गूंज सकता है जहानाबाद की NEET छात्रा का मुद्दा

बजट सत्र के दौरान सदन का माहौल हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है।
मगध विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन विभाग की पूर्व अध्यक्ष कुसुम कुमारी के अनुसार, जहानाबाद जिले के विधायकों पर भी सबकी नजर रहेगी।
हाल ही में जिले की एक छात्रा की पटना में मौत हो गई थी, जो NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। माना जा रहा है कि यह संवेदनशील मुद्दा बजट सत्र के दौरान सदन में जोर-शोर से उठ सकता है।



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