Siwan News: समृद्धि यात्रा में नीतीश कुमार शहाबुद्दीन के गढ़ में, कहानी पुरानी मगर संदेश वही

 


बिहार की राजनीति में सिवान का नाम आते ही एक चेहरा अपने-आप उभर आता है—दिवंगत राजद सांसद शहाबुद्दीन। अब एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान सिवान पहुंच रहे हैं। भले ही किस्सा पुराना हो, लेकिन इस दौरे का राजनीतिक संदेश आज भी उतना ही स्पष्ट माना जा रहा है।

2015 से 2016 तक: एक बयान और बदली सियासत

साल 2015 में भागलपुर जेल से रिहाई के बाद शहाबुद्दीन ने पत्रकारों के सवाल पर नीतीश कुमार को लेकर कहा था—

“नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं।”

यह बयान राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा में रहा। इसके बाद 2016 में राजीव रौशन हत्याकांड में मिली जमानत को चुनौती देते हुए बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची और शहाबुद्दीन को दोबारा जेल जाना पड़ा।
बाद में कोरोना काल के दौरान इलाज के समय, तिहाड़ जेल में कैदी के रूप में ही उनकी मौत हो गई।

नीतीश और शहाबुद्दीन: सिवान से शुरू हुआ ‘लॉ एंड ऑर्डर’ संदेश

जब 2005 में नीतीश कुमार NDA के साथ सत्ता में आए, तब शहाबुद्दीन पूरी तरह सक्रिय थे। न्याय के साथ विकास की नीति के तहत नीतीश सरकार ने सबसे पहले सिवान में ही कड़ा संदेश दिया।
नवंबर 2005 में बिहार पुलिस की स्पेशल टीम ने शहाबुद्दीन को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

बख्तरबंद गाड़ी में गिरफ्तारी: आज भी यादगार दृश्य

वह दिन आज भी लोगों की यादों में ताजा है, जब शहाबुद्दीन को सफेद बख्तरबंद वाहन में गिरफ्तार कर पटना लाया गया और कोतवाली थाने में पेश किया गया।
इस घटना को नीतीश कुमार के जंगलराज के खिलाफ निर्णायक कदम के रूप में देखा गया और लोगों को यह संदेश मिला कि अब बिहार में कानून का राज स्थापित होगा।

2025 चुनाव: ओसामा शहाब ने रोका NDA का क्लीन स्वीप

हालांकि शहाबुद्दीन अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन सिवान की राजनीति में उनका प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। उनके बेटे ओसामा शहाब रघुनाथपुर सीट से राजद विधायक हैं।

2025 विधानसभा चुनाव में सिवान की 8 सीटों में से:

  • NDA ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की
  • रघुनाथपुर सीट पर ओसामा शहाब ने राजद के लिए जीत हासिल की

इस तरह NDA का जिले में क्लीन स्वीप का सपना टूट गया।

2020 बनाम 2025: NDA की वापसी

2020 के विधानसभा चुनाव में NDA को सिवान में केवल 2 सीटें मिली थीं, जबकि 2025 में उसने 7 सीटों पर कब्जा जमाया।
फिर भी, जो एक सीट NDA के हाथ से बाहर रही, वहां शहाबुद्दीन समर्थक वोट बैंक की मौजूदगी साफ दिखाई दी।

समृद्धि यात्रा में सिवान का राजनीतिक अर्थ

नीतीश कुमार का समृद्धि यात्रा के पहले चरण में सिवान आना सिर्फ एक विकास कार्यक्रम नहीं माना जा रहा।
इस दौरे के जरिए मुख्यमंत्री यह संदेश देना चाहते हैं कि:

  • 2005 से पहले का जंगलराज आज भी महागठबंधन की राजनीति से जुड़ा हुआ है
  • और इसके मुकाबले उनका हथियार है—विकास, न्याय और सुशासन

निष्कर्ष

सिवान में नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा एक बार फिर अतीत और वर्तमान को जोड़ती नजर आती है। कहानी वही है, चेहरे बदल चुके हैं, लेकिन राजनीतिक संदेश अब भी उतना ही साफ है—
बिहार में सत्ता का रास्ता कानून, विकास और सुशासन से होकर ही जाता है।


और नया पुराने