बिहार ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। राज्य के प्रसिद्ध जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना को पहली बार समुद्री मार्ग के जरिए दुबई भेजा गया है। कुल 2 मीट्रिक टन मखाना की यह खेप पूर्णिया जिले से रवाना की गई, जिससे बिहार के किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के द्वार खुल गए हैं।
यह निर्यात भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, बिहार सरकार और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से संभव हो पाया है। इस पहल को राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
मिथिला मखाना: परंपरा, पोषण और पहचान
मिथिला मखाना बिहार के मिथिला क्षेत्र का पारंपरिक और अत्यधिक पोषक कृषि उत्पाद है। इसकी गुणवत्ता, स्वाद और विशिष्ट पहचान के कारण इसे भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया गया है। अब इसका समुद्री मार्ग से सफल निर्यात यह दर्शाता है कि बिहार के कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, आधुनिक पैकेजिंग, ट्रेसबिलिटी और लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं पर खरे उतर रहे हैं।
वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह का आयोजन
इस ऐतिहासिक निर्यात अवसर पर राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में एक वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह आयोजित किया गया। अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने कहा कि जीआई-टैग कृषि उत्पादों का निर्यात न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि बिहार को वैश्विक स्तर पर नई पहचान भी दिलाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से मखाना उत्पादन से जुड़े किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और कृषि उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, भविष्य में बिहार के अन्य जीआई-टैग और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
कृषि मंत्री ने इस उपलब्धि को किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बनने से मखाना उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद का उचित और लाभकारी मूल्य प्राप्त होगा। इससे किसानों की आय में स्थायी वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बिहार के कृषि निर्यात के लिए नए अवसर
मिथिला मखाना का दुबई निर्यात यह संकेत देता है कि बिहार अब केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक कृषि निर्यात हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह पहल राज्य के किसानों, कृषि उद्यमियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विकास के नए रास्ते खोलेगी।
