पटना: बिहार की राजनीति में रविवार, 25 जनवरी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और तेजस्वी यादव के लिए ऐतिहासिक दिन साबित हो सकता है। पटना में आज राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की अहम बैठक होने जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बैठक में बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उम्र और स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव संगठन की जिम्मेदारी धीरे-धीरे अपने बेटे तेजस्वी यादव को सौंप सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो इसे राजद में ‘तेजस्वी युग’ की औपचारिक शुरुआत माना जाएगा।
लालू यादव की मौजूदगी में होगी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक
राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने बताया कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बैठक का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, बिहार की राजनीति और पार्टी की भविष्य की रणनीति पर गहन चर्चा होगी।
वहीं, राजद प्रवक्ता चित्रंजन गगन ने बताया कि 20 से अधिक राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पहले ही पटना पहुंच चुके हैं। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, सभी राज्य इकाइयों के अध्यक्ष, सांसद, विधायक और एमएलसी शामिल होंगे।
संगठन में बड़ा एक्शन संभव, 300 नेताओं पर गिर सकती है गाज
बैठक में संगठनात्मक स्तर पर बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर करीब 300 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने यह रिपोर्ट तेजस्वी यादव को सौंपी है। इसके साथ ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रधान महासचिव जैसे अहम पदों पर भी फैसला होने की उम्मीद जताई जा रही है।
चुनावी हार के बाद पहली बार पार्टी दफ्तर पहुंचे तेजस्वी
नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों में हार के बाद तेजस्वी यादव शनिवार को पहली बार पार्टी कार्यालय पहुंचे। इससे पहले उन्होंने कहा था कि नीतीश सरकार बनने के बाद वह 100 दिनों तक सार्वजनिक बयान नहीं देंगे, लेकिन कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने नीतीश सरकार और BJP पर तीखा हमला बोला।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि अपराध पर कार्रवाई करने के बजाय BJP नेता यह प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद उनके बिहार आने से अपराध बढ़ गया है।
जेडीयू ने कसा तंज
तेजस्वी के बयान पर जेडीयू के प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता अपना ‘मौन व्रत’ भी नहीं निभा सकता, वह राजनीति पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं रखता।
बिहार की राजनीति पर टिकी नजर
आज की बैठक से यह साफ हो सकता है कि राजद में सत्ता और संगठन की कमान किस दिशा में जाएगी। अगर तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह न सिर्फ पार्टी बल्कि बिहार की राजनीति में भी पीढ़ीगत बदलाव का संकेत होगा।
