पटना। राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीधे हस्तक्षेप किया है। मुख्यमंत्री ने इस गंभीर मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश भारत सरकार से की है।
इसकी जानकारी बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट के माध्यम से दी।
सम्राट चौधरी ने एक्स पर क्या लिखा?
सम्राट चौधरी ने अपने पोस्ट में लिखा—
“बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने भारत सरकार से पटना में हुए NEET छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या-14/26) की CBI से जांच कराने का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन सुनिश्चित किया जाए।”
मुख्यमंत्री की इस सिफारिश के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और मामले से जुड़े तथ्यों का निष्पक्ष खुलासा हो सकेगा।
DGP ने आधी रात तक की हाई लेवल समीक्षा
शुक्रवार देर रात पुलिस मुख्यालय में इस मामले को लेकर हाई लेवल मंथन हुआ।
बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट को गहराई से खंगाला। यह सिर्फ औपचारिक समीक्षा नहीं थी, बल्कि रिपोर्ट का क्रॉस एग्जामिनेशन किया गया, जिसमें—
- हर तथ्य
- हर निष्कर्ष
- हर सबूत
को सवालों के दायरे में रखा गया।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को तलब कर जांच की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली थी।
डिजिटल और कागजी सबूतों के साथ पहुंची SIT
सूत्रों के अनुसार, आईजी सेंट्रल रेंज जितेंद्र राणा की निगरानी में गठित एसआईटी शुक्रवार रात करीब 9:15 बजे पुलिस मुख्यालय पहुंची।
इस दौरान—
- आईजी
- एसएसपी कार्तिकेय शर्मा
- अन्य वरिष्ठ अधिकारी
एक साथ मुख्यालय पहुंचे।
एसआईटी के दो अधिकारी काले बैग में डिजिटल और कागजी सबूत लेकर पहुंचे थे। डीजीपी विनय कुमार ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी टीम को मुख्यालय बुलाकर रिपोर्ट की बारीकी से जांच करने का फैसला लिया।
बताया जा रहा है कि डीजीपी ने करीब तीन पन्नों की जांच रिपोर्ट का गहन अध्ययन कर उस पर अपने सवाल और शंकाएं भी दर्ज कीं।
PMCH की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड की फाइनल रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर—
- कई जगह खरोंच (Scratch)
- ब्रूज (नील के निशान)
होने का उल्लेख किया गया है।
हालांकि रिपोर्ट में इंजरी की उम्र (Age of Injury) का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
एक और अहम तथ्य यह सामने आया है कि छात्रा को अस्पताल आधी बेहोशी की हालत में इलाज के लिए लाया गया था।
CBI जांच से बढ़ी उम्मीद
अब जब मुख्यमंत्री स्तर से CBI जांच की सिफारिश हो चुकी है, तो माना जा रहा है कि—
- जांच को नई दिशा मिलेगी
- सभी तकनीकी और फॉरेंसिक पहलुओं की दोबारा पड़ताल होगी
- दोषियों तक पहुंचने की प्रक्रिया तेज होगी
