पटना:
पटना के चर्चित NEET छात्रा मौत मामले को लेकर बिहार सरकार अब सख्त मूड में दिख रही है। डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने जांच में हो रही देरी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए डीजीपी से लेकर एसपी पटना तक से सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “छात्रा को पूरा न्याय मिलेगा, एक भी दोषी नहीं बचेगा और कोई भी लापरवाह अधिकारी नहीं बच पाएगा।”
‘न्याय कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए’ – सम्राट चौधरी
गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि
अफसरशाही वाला रवैया छोड़कर फील्ड में उतरें।
उन्होंने कहा कि न्याय केवल फाइलों और रिपोर्टों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए।
बताया गया है कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी को आईजी स्तर के अधिकारी लीड कर रहे हैं, जबकि डीजीपी खुद पूरे केस की निगरानी कर रहे हैं। इसके बावजूद एम्स पटना के मेडिकल बोर्ड को अधूरे डॉक्यूमेंट्स मिलने पर गृह मंत्री ने नाराजगी जताई।
पहले भी DGP को दिए थे सीधे निर्देश
सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले ही डीजीपी विनय कुमार को निर्देश दिया था कि वे खुद इस मामले की निगरानी करें और जल्द से जल्द खुलासा कर पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाएं।
लेकिन अब तक न तो मामले का कोई ठोस खुलासा हो पाया है और न ही जांच किसी निर्णायक नतीजे तक पहुंच सकी है।
तारापुर में भी अधिकारियों को दी थी कड़ी चेतावनी
रविवार को तारापुर में एक कार्यक्रम के दौरान भी सम्राट चौधरी अधिकारियों पर बेहद सख्त नजर आए।
जमीन विवाद और घूसखोरी के मामलों को लेकर उन्होंने कहा,
“मैं गृह मंत्री हूं, सबका इलाज करता हूं। कौन कहां गड़बड़ी कर रहा है, सब पता है। समय आने दीजिए, एक-एक आदमी को अंदर डालूंगा।”
उन्होंने साफ कहा कि
थानेदार, बीडीओ, सीओ – जो भी गड़बड़ी करेगा, उसकी रिपोर्ट सरकार तक पहुंच रही है और कोई बचने वाला नहीं है।
अब CID ने संभाली जांच, DNA टेस्ट से खुलेगा राज
पटना हॉस्टल कांड में अब सीआईडी (CID) ने जांच शुरू कर दी है।
छात्रा के कपड़ों पर मिले स्पर्म सैंपल की डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है।
इस डीएनए प्रोफाइल में
- हॉस्टल के मकान मालिक मनीष रंजन
- सहित कुल 15 लोगों के सैंपल शामिल किए गए हैं
इन सभी का एक-एक कर डीएनए टेस्ट कराया जाएगा और उसे छात्रा के कपड़ों से मिले सैंपल से मिलान किया जाएगा।
छात्रा के पिता के गंभीर आरोप
छात्रा के पिता ने इस पूरे मामले में
- हॉस्टल संचालक
- अस्पताल
- और पुलिस
पर गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने कहा था कि अगर निष्पक्ष जांच हुई तो कई बड़े लोग फंस सकते हैं।
पिता का आरोप है कि
- SIT जांच को गुमराह कर रही है
- उन्हें SIT की जांच पर भरोसा नहीं है
- बार-बार परिजनों को ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है
उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे पटना में आत्मदाह तक कर सकते हैं।
अब CID जांच से बढ़ी उम्मीद
अब जब मामला CID के हाथों में चला गया है, तो उम्मीद की जा रही है कि
NEET छात्रा मौत केस की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
