पटना | बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की नई पहल
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने प्रतियोगी परीक्षाओं की इंटरव्यू प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। आयोग ने इंटरव्यू बोर्ड के चयन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अब लॉटरी सिस्टम लागू कर दिया है, जिसके तहत अभ्यर्थी खुद अपना इंटरव्यू बोर्ड चुन सकेंगे।
यह नई व्यवस्था 21 जनवरी से प्रभावी हो चुकी है और इसका पहला प्रयोग 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के साक्षात्कार में किया जा रहा है।
लॉटरी सिस्टम से होगा इंटरव्यू बोर्ड का चयन
अब तक BPSC की परीक्षाओं में इंटरव्यू बोर्ड का चयन सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः किया जाता था, जिसमें अभ्यर्थियों की कोई भूमिका नहीं होती थी। लेकिन नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों को इंटरव्यू से ठीक पहले पर्ची प्रणाली (लॉटरी सिस्टम) के माध्यम से यह जानकारी मिलेगी कि उनका साक्षात्कार किस बोर्ड के सामने होगा।
इस प्रक्रिया में—
- अभ्यर्थी खुद पर्ची उठाएंगे
- उसी समय इंटरव्यू बोर्ड की जानकारी मिलेगी
- किसी भी तरह की पूर्व जानकारी उपलब्ध नहीं होगी
इससे इंटरव्यू प्रक्रिया में निष्पक्षता और भरोसे की भावना और मजबूत होगी।
हर अभ्यर्थी को मिलेगा यूनिक कोड नंबर
बीपीएससी की नई प्रणाली के तहत प्रत्येक उम्मीदवार को एक विशेष कोड नंबर दिया जाएगा। इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य केवल इसी कोड नंबर के आधार पर अभ्यर्थी का मूल्यांकन करेंगे।
क्या नहीं होगी पैनल को जानकारी?
- उम्मीदवार का नाम
- व्यक्तिगत पहचान
- प्रोफाइल या बैकग्राउंड
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इंटरव्यू के दौरान किसी भी तरह का व्यक्तिगत या बाहरी प्रभाव पैनल पर न पड़े।
विषय विशेषज्ञों का चयन भी होगा रैंडम
बीपीएससी ने पारदर्शिता को और मजबूत करने के लिए एक और अहम प्रावधान किया है। इंटरव्यू में शामिल होने वाले विषय विशेषज्ञों का चयन भी सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम तरीके से किया जाएगा।
यह चयन प्रक्रिया भी—
- इंटरव्यू शुरू होने से ठीक पहले
- पूरी तरह गोपनीय
- बिना मानवीय हस्तक्षेप
के आधार पर होगी।
क्यों अहम है BPSC का यह फैसला?
बीपीएससी का यह कदम कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है—
- इंटरव्यू प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी
- पक्षपात और सिफारिश की आशंका कम होगी
- अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत होगा
- चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बनेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था देश की अन्य लोक सेवा आयोगों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।
प्रतियोगी छात्रों में दिखा सकारात्मक रुझान
बीपीएससी के इस फैसले का प्रतियोगी छात्रों ने स्वागत किया है। छात्रों का कहना है कि इंटरव्यू बोर्ड और पैनल से जुड़ी आशंकाएं लंबे समय से बनी रहती थीं, जिन्हें यह नई व्यवस्था काफी हद तक खत्म कर सकती है।
