पटना | पटना गर्ल्स हॉस्टल केस ने लिया सियासी मोड़
पटना के मुन्नाचक इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया है। इस प्रकरण को लेकर पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने ऐसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनसे बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है।
सांसद ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि क्या इस मामले में किसी मंत्री का बेटा शामिल है, जिसे बचाने के लिए पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है?
सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल
पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर सत्ता पक्ष और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि—
“NEET छात्रा के मामले में संवैधानिक पद पर आसीन किस नेता का पुत्र, मंत्री पुत्र संलिप्त है? किसे बचाने के लिए बिहार पुलिस सारी सीमाओं का अतिक्रमण कर रही है?”
इस बयान के बाद से मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
पुलिस पर गंभीर आरोप, जांच पर उठे सवाल
सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि—
- एक रसूखदार परिवार को बचाने की कोशिश की जा रही है
- पुलिस निष्पक्षता की सीमाएं लांघ रही है
- पीड़िता के परिजनों की छवि को जानबूझकर खराब किया जा रहा है
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पटना में कथित सेक्स रैकेट को कौन संरक्षण दे रहा है, और इसके पीछे किन प्रभावशाली लोगों का हाथ है।
“पीड़ित परिवार को बदनाम किया जा रहा” — पप्पू यादव
पप्पू यादव ने कहा कि इस पूरे मामले में पीड़ित बेटी के परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इस मामले को छोड़ने वाले नहीं हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे।
क्या है शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामला?
पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद निवासी छात्रा की कुछ दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
मामले में—
- दुष्कर्म और शारीरिक शोषण के आरोप
- मानसिक उत्पीड़न की आशंका
- कई संदिग्ध परिस्थितियां
सामने आई हैं।
SIT कर रही है जांच, बढ़ा प्रशासन पर दबाव
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। SIT वैज्ञानिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर जांच कर रही है।
हालांकि, पप्पू यादव के आरोपों के बाद—
- जांच की निष्पक्षता पर सवाल
- सरकार और पुलिस पर दबाव
- पारदर्शिता की मांग
तेज हो गई है।
राजनीतिक बयान या बड़े खुलासे की आहट?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पप्पू यादव के आरोपों में सच्चाई निकलती है, तो यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल ला सकता है। वहीं प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि जांच पर किसी भी तरह का सवाल न उठे।
