सारण | बिहार भूमि समाचार
बिहार सरकार ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण और अवैध हस्तांतरण से मुक्त कराने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। राज्य में जिन सरकारी जमीनों पर गलत, संदिग्ध या अवैध तरीके से जमाबंदी कायम की गई है, उन्हें अब चरणबद्ध ढंग से रद्द किया जाएगा। इस अभियान को समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वर्षों से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर कार्रवाई
यह कार्रवाई राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना के प्रधान सचिव द्वारा जारी पत्र के आलोक में की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सरकार का मुख्य उद्देश्य “लोक भूमि” को अवैध जमाबंदी और कब्जे से मुक्त कराना है, ताकि भूमि अभिलेखों को शुद्ध किया जा सके।
मशरक अंचल में अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
इसी क्रम में सारण जिले के मशरक अंचल के अंचलाधिकारी सुमंत कुमार ने सभी राजस्व कर्मचारियों और अंचल अमीनों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि—
- बिहार सरकार की ऐसी सभी लोक भूमि को तुरंत चिह्नित किया जाए
- जिन पर गलत या अवैध रूप से जमाबंदी दर्ज की गई है
- सभी मामलों की विस्तृत सूची तैयार की जाए
1 सप्ताह में बनेगा रद्दीकरण प्रस्ताव
जारी आदेश के अनुसार, संबंधित राजस्व कर्मचारी और अंचल अमीनों को—
- अवैध जमाबंदियों का विस्तृत विवरण तैयार करना होगा
- संबंधित राजस्व अधिकारी का स्पष्ट मंतव्य अंकित करना होगा
- प्रत्येक मामले में जमाबंदी रद्द करने का प्रस्ताव बनाना अनिवार्य होगा
यह प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर तैयार कर, अगले 10 दिनों के अंदर अंचलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करना होगा।
लापरवाही पर होगी विभागीय कार्रवाई
विभाग ने इस अभियान को “अति आवश्यक” श्रेणी में रखते हुए गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अंचलाधिकारी ने साफ चेतावनी दी है कि—
यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवैध या गलत तरीके से कायम जमाबंदी के रद्दीकरण का प्रस्ताव प्राप्त नहीं होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित राजस्व कर्मचारी और अंचल अमीन की होगी।
ऐसे मामलों में दोषी कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
