भारत की आखिरी महारानी काम सुंदरी देवी का निधन, शोक में डूबा मिथिला
Kam Sundari Devi: एक दुखद खबर बिहार के नामी शाही खानदान से है, यहां के ऐतिहासिक दरभंगा राजघराने की वरिष्ठतम सदस्य और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार, 12 जनवरी 2026 को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने दरभंगा राज परिसर स्थित कल्याणी निवास में अपनी अंतिम सांस ली, वह लंबे समय से बीमार थीं उनकी मृत्यु के साथ ही एक युग का अंत हो गया है।
क्योंकि वह आधुनिक गणतंत्र में भारत के शाही अतीत की आखिरी जीवित प्रतीक थीं, उनके निधन से सारे मिथिलावासी शोक में डूबे हुए हैं। आपको बता दें कि काम सुंदरी देवी की शादी 1940 में दरभंगा के महाराजा कामेश्वर सिंह से हुई, जो अपने समय के सबसे सम्मानित और प्रभावशाली शासकों में से एक थे।
वह उनकी तीसरी पत्नी थीं, उनकी पहली दो पत्नियां, महारानी कामेश्वरी प्रिया और महारानी राजलक्ष्मी था, जिनका निधन पहले ही हो चुका है। महाराजा कामेश्वर सिंह के 1962 में निधन के बाद उन्होंने राज परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं और परंपराओं को जीवित रखने का प्रयास किया।
परोपकारी कार्यों के लिए मशहूर थीं Kam Sundari Devi
सामाजिक और परोपकारी कार्यों के लिए महारानी कामसुंदरी देवी विख्यात थीं। उन्होंने दिवंगत पति की स्मृति में 'महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन' बनाया, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के कई कार्य करते हैं। मिथिला की साहित्यिक, सांस्कृतिक और परंपरागत विरासत को सहेजने में उनका योगदान सराहनीय रहा, जीवनभर उन्होंने गरीबों, जरूरतमंदों और क्षेत्रीय विकास के लिए अपनी सेवाएं दीं।
राजकीय सम्मान के साथ होगा Kam Sundari Devi का अंतिम संस्कार
उनके निधन की खबर से पूरे मिथिलांचल इलाके में गहरा दुख फैल गया है। सब-डिविजनल ऑफिसर सहित कई सीनियर अधिकारियों ने श्रद्धांजलि देने के लिए राज कॉम्प्लेक्स पहुंचे हैं। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। फिलहाल तैयारियां चल रही हैं और अंतिम संस्कार उनके पोते राजकुमार कपिलेश्वर सिंह के आने के बाद होगा।
