Bharat Tiwari Encounter Case: STF जवान की गिरफ्तारी पर DGP का बड़ा बयान, जांच में होंगे और खुलासे!


 Bharat Tiwari Encounter Case में STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है। Bharat Tiwari Encounter Case को लेकर बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने स्पष्ट कहा है कि गिरफ्तारी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक जांच जारी है और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। DGP के इस बयान के बाद मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। वहीं मृतक भरत भूषण तिवारी के परिजन इसे न्याय की दिशा में शुरुआती कदम मान रहे हैं और पूरे घटनाक्रम में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

DGP बोले- साक्ष्यों के आधार पर हुई STF जवान की गिरफ्तारी

बिहार के DGP विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी जांच के दौरान मिले उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायिक जांच के अधीन है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। यदि आगे नए साक्ष्य या तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। DGP ने यह भी संकेत दिया कि जांच किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है और पूरी प्रक्रिया कानूनी दायरे में आगे बढ़ेगी।

परिजनों ने सभी आरोपियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई

STF जवान की गिरफ्तारी के बाद भरत भूषण तिवारी के परिवार ने इसे सकारात्मक शुरुआत बताया, लेकिन उनका कहना है कि अभी पूरी कार्रवाई बाकी है। मृतक की मां आशा देवी ने आरोप लगाया कि सबसे पहले गोली STF जवान अक्षय कुमार ने चलाई थी। उनका दावा है कि इसके बाद तत्कालीन SDPO राजेश कुमार शर्मा और तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार ने भी फायरिंग की। उन्होंने तत्कालीन SDO संजीत कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए और पूरे मामले में शामिल सभी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पिता ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर जताया भरोसा

भरत भूषण तिवारी के पिता काशी तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का जो आश्वासन दिया गया था, उस दिशा में सरकार कदम बढ़ाती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि न्याय मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

न्यायिक जांच आयोग ने मांगे बयान और साक्ष्य

मामले की न्यायिक जांच अब दूसरे चरण में पहुंच चुकी है। पुलिस फायरिंग न्यायिक जांच आयोग ने आम लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और विभिन्न संगठनों से घटना से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की है। आयोग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से संबंधित वीडियो, ऑडियो, दस्तावेज या अन्य प्रमाण हैं तो वे शपथ पत्र के साथ आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकते हैं। आयोग ने साक्ष्य जमा करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त निर्धारित की है।

घटना के हर पहलू की होगी विस्तृत जांच

जानकारी के अनुसार शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए राज्यपाल के आदेश पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है। आयोग घटना की पूरी पृष्ठभूमि, पुलिस कार्रवाई की परिस्थितियों, कार्रवाई की वैधता, जिम्मेदारी तय करने और सभी संबंधित तथ्यों की विस्तार से जांच करेगा। जांच आयोग का उद्देश्य उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करना है, ताकि मामले के सभी पहलुओं का कानूनी मूल्यांकन किया जा सके।

आगे क्या हो सकता है?

DGP के बयान से स्पष्ट है कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। यदि जांच के दौरान नए साक्ष्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर आयोग द्वारा आम लोगों से साक्ष्य मांगने के बाद यह संभावना भी बढ़ गई है कि जांच में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और महत्वपूर्ण मोड़ ले सकता है।

🛍️ ऑनलाइन शॉपिंग करें
Amazon, Flipkart, Myntra और AJIO पर खरीदारी करें
यहाँ से खरीदारी करने पे एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिल सकता है।
Next Post Previous Post
हमसे जुड़ें
1