Tej Pratap Yadav Arrest: आधी रात बेऊर जेल भेजे गए तेज प्रताप यादव, मॉल से गिरफ्तारी के बाद क्या-क्या हुआ?


 

तेज प्रताप यादव बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। तेज प्रताप यादव को पटना पुलिस ने दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर देर रात कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में अब तक 423 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?

शनिवार को बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना सहित कई जिलों में प्रदर्शन हुए। सुबह तेज प्रताप यादव गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास छात्रों के साथ प्रदर्शन करते नजर आए। इसके बाद वह कोतवाली और गांधी मैदान थाना क्षेत्र में भी प्रदर्शन में शामिल रहे।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक मौजूद थे। कुछ स्थानों पर प्रदर्शन उग्र हो गया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बन गई।

झड़प और पथराव के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कई जगह पथराव और हंगामा हुआ। इस घटना में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए तेज प्रताप यादव को आरोपी बनाया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और हिंसा की घटनाएं सामने आईं।

एसएसपी ने क्या कहा?

पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि तेज प्रताप यादव को दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

सिटी सेंटर मॉल से दोबारा हिरासत में लिया गया

पुलिस के अनुसार, शुरुआती हिरासत के बाद तेज प्रताप यादव की लोकेशन ट्रेस की गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम पटना के सिटी सेंटर मॉल पहुंची और उन्हें दोबारा हिरासत में लिया।

इसके बाद उन्हें नौबतपुर थाने ले जाकर पूछताछ की गई। गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान पटना पश्चिमी के एसपी, लॉ एंड ऑर्डर-2 की एसडीपीओ कोमल मीणा तथा अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

मेडिकल के बाद कोर्ट में पेशी, फिर बेऊर जेल

पुलिस ने नौबतपुर में तेज प्रताप यादव का मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद देर रात करीब 12:15 बजे उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें पटना के बेऊर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।

423 लोगों को हिरासत में लेने की पुष्टि

बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में अब तक 423 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

यह कार्रवाई राज्य के 10 सबसे अधिक प्रभावित जिलों में की गई है। इनमें अकेले पटना से करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस का कहना है कि सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जिनके खिलाफ हिंसा में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तेज प्रताप यादव ने क्या कहा था?

बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव छात्रों के साथ तिरंगा लेकर प्रदर्शन करते दिखाई दिए थे। हिरासत में लिए जाने के दौरान उन्होंने कहा था कि वह छात्रों के साथ हैं और उनके अधिकारों की लड़ाई में उनका समर्थन जारी रहेगा।

इस बयान के बाद भी पुलिस ने अपनी जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रखी।

मामले में आगे क्या होगा? 

इस मामले में अब पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्य और अदालत की आगामी सुनवाई अहम होगी।

मुख्य बिंदु:

  • तेज प्रताप यादव को दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा।
  • बिहार बंद हिंसा मामले में अब तक 423 लोग हिरासत में लिए गए।
  • पुलिस घायल कर्मियों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
  • जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार बंद से जुड़ा यह मामला फिलहाल पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और अदालत के आदेशों के आधार पर तय होगी।

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