Tej Pratap Yadav Bail: जेल से रिहा हुए तेजप्रताप, छात्र आंदोलन केस में मिली राहत

Tej Pratap Yadav Bail मामले में मंगलवार देर शाम बड़ा घटनाक्रम सामने आया। Tej Pratap Yadav Bail मिलने के बाद पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को बेऊर जेल से रिहा कर दिया गया। उनके साथ गिरफ्तार किए गए चार छात्र कार्यकर्ताओं को भी जेल प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुक्त कर दिया। यह मामला नीट पेपर लीक को लेकर हुए बिहार बंद के दौरान प्रदर्शन और झड़प से जुड़ा था, जिसमें कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मंगलवार शाम जमानत से जुड़े आवश्यक दस्तावेज बेऊर जेल प्रशासन को प्राप्त हुए। इसके बाद सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं और देर शाम पांचों लोगों को जेल से रिहा कर दिया गया। जेल प्रशासन ने भी रिहाई की पुष्टि की है।
कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मिली राहत
तेजप्रताप यादव की ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली। आदेश मिलने के बाद जेल प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और रिहाई सुनिश्चित की। उनके साथ गिरफ्तार चार छात्र कार्यकर्ताओं को भी उसी मामले में जमानत मिली, जिसके बाद सभी को एक साथ जेल से बाहर आने का अवसर मिला।
बिहार बंद के दौरान दर्ज हुआ था मामला
यह पूरा मामला नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान हुई झड़प से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान गांधी मैदान थाना क्षेत्र में दंगा भड़काने सहित कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने इसी मामले में बीते शनिवार को फ्रेजर रोड स्थित सेंट्रल मॉल से तेजप्रताप यादव को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद उन्हें देर रात बेऊर जेल भेज दिया गया था। गिरफ्तारी के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना रहा। छात्र संगठनों और विभिन्न पक्षों की ओर से भी इस कार्रवाई पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
जेल में बिगड़ी थी तबीयत
बेऊर जेल में रहने के दौरान तेजप्रताप यादव की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई थी। स्वास्थ्य संबंधी शिकायत के बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था। हालांकि, बाद में उनकी स्थिति सामान्य बताई गई। स्वास्थ्य को लेकर सामने आई खबरों के कारण यह मामला और अधिक चर्चा में रहा।
सरकार ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों पर लिया फैसला
इस बीच बिहार सरकार ने भी प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सरकार ने घोषणा की कि छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज सभी प्राथमिकियों को रद्द किया जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद संबंधित मामलों की कानूनी प्रक्रिया में बदलाव आया। इसी दौरान अदालत में दायर जमानत याचिका पर सुनवाई हुई और तेजप्रताप यादव समेत अन्य आरोपितों को राहत मिल गई।
अब आगे क्या होगा?
रिहाई के बाद इस मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जा सकती। यदि किसी मामले में आगे जांच या न्यायिक प्रक्रिया आवश्यक होगी तो वह कानून के अनुसार जारी रह सकती है। वहीं, सरकार द्वारा प्रदर्शन से जुड़े मामलों को वापस लेने के फैसले और अदालत से मिली राहत के बाद इस प्रकरण पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी जारी रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न दलों और छात्र संगठनों का रुख भी अहम माना जाएगा। यह मामला एक बार फिर छात्र आंदोलन, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है। फिलहाल अदालत के आदेश के बाद तेजप्रताप यादव और उनके साथ गिरफ्तार चारों छात्र कार्यकर्ता जेल से बाहर आ चुके हैं।