Tej Pratap Arrest: रोहिणी आचार्य भड़कीं, भाई की गिरफ्तारी पर सम्राट सरकार को घेरा
Tej Pratap Arrest को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। Tej Pratap Arrest के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) सरकार पर लगातार हमलावर हैं। पूर्व मंत्री और जेजेडी प्रमुख तेज प्रताप यादव को बिहार बंद के दौरान हुए प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजे जाने के बाद उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के जरिए बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
भाई की गिरफ्तारी पर रोहिणी आचार्य का तीखा हमला
सिंगापुर में मौजूद रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं के समर्थन में आवाज उठाने पर उनके भाई को झूठे मामलों में फंसाया गया है।
रोहिणी ने अपने पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करने वाले छात्रों का समर्थन करना अपराध है? उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी बात रखने और आंदोलन का समर्थन करने का संवैधानिक अधिकार है।
सम्राट सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए कार्रवाई कर रही है। साथ ही यह भी कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
विदेश यात्रा से लौटने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपने बड़े भाई की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और अन्य लोगों को जल्द रिहा किया जाए।
तेजस्वी यादव ने सरकार से मांग की कि प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी मामलों की समीक्षा कर निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई वापस ली जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो विपक्ष बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगा।
क्या है पूरा मामला?
बिहार में NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्र आंदोलन के समर्थन में विभिन्न संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया था। इसी दौरान पटना में कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए।
पुलिस के अनुसार कुछ जगहों पर प्रदर्शन के दौरान तनाव और झड़प की स्थिति बनी। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। इसी क्रम में तेज प्रताप यादव को भी हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजने का आदेश दिया।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
छात्र आंदोलन और राजनीतिक माहौल
NEET परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद छात्रों का आंदोलन कई राज्यों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बिहार में भी इस मुद्दे पर विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किए।
राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर सक्रिय हैं। विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने और जांच प्रक्रिया पूरी करने की बात कह रही है।
आगे क्या हो सकता है?
अब सभी की नजर न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई पर है। यदि विपक्ष आंदोलन तेज करता है तो आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और अधिक गर्मा सकती है।
साथ ही छात्रों पर दर्ज मामलों, गिरफ्तार लोगों की रिहाई और जांच की दिशा भी आगामी राजनीतिक घटनाक्रम तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
