राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- मेट्रो बंद कर दी, सड़कें रोकीं, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाए

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। Rahul Gandhi on NEET Paper Leak शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रेंड करता रहा, जहां राहुल गांधी ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए, लेकिन Rahul Gandhi on NEET Paper Leak के मुद्दे पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि पेपर लीक की घटनाएं अब भी नहीं रुक सकीं। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुईं, सड़कें बंद की गईं, इंटरनेट सेवाएं रोकी गईं और कई जगहों पर आवाजाही भी बाधित रही। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के साथ सख्ती की गई, लेकिन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की चुनौती अब भी बनी हुई है।
राहुल गांधी ने घायल छात्र का वीडियो किया साझा
राहुल गांधी ने X पर एक अन्य पोस्ट में 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक छात्र का वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि साहिल नाम का छात्र हाथ में तिरंगा लेकर निष्पक्ष परीक्षा और अपनी मेहनत का अधिकार मांग रहा था। राहुल गांधी के अनुसार प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में वह घायल हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारों की मांग करने वाले छात्रों को न्याय के बजाय हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में अलग पक्ष रखा गया है और प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया गया।
20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन में क्या हुआ था?
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और विभिन्न संगठनों के लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस घटना में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इनमें कई वरिष्ठ अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों का दावा था कि लगभग 60 लोग घायल हुए। उनका आरोप था कि पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। वहीं पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन हिंसक होने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की गई।
पेपर लीक रोकने के लिए कानून होगा और सख्त
इधर केंद्र सरकार भी सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए कानून को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इससे संबंधित संशोधन विधेयक 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी दिए कड़ी कार्रवाई के संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में पेपर लीक मामलों पर सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का दावा है कि नए कानूनी प्रावधानों के जरिए परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
क्यों अहम बना हुआ है NEET पेपर लीक का मुद्दा?
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। NEET समेत कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं। इसी वजह से छात्र संगठन लगातार निष्पक्ष परीक्षा, पारदर्शी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विपक्ष इस मुद्दे को सरकार की जवाबदेही से जोड़ रहा है, जबकि केंद्र सरकार कानून और प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाने का दावा कर रही है। आने वाले दिनों में संसद में प्रस्तावित संशोधन विधेयक और इस पर होने वाली बहस इस पूरे मुद्दे को नई दिशा दे सकती है। साथ ही छात्र संगठनों की मांगों और सरकार की आगे की कार्रवाई पर भी सभी की नजर रहेगी।