लालू यादव की 5 हजार वाली ऐतिहासिक जीप पहुंची तेजस्वी के आवास, जानिए क्यों है इतनी खास


 लालू यादव जीप एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। लालू यादव जीप की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि राबड़ी देवी द्वारा 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के बाद यह ऐतिहासिक महिंद्रा जीप तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी के साथ लालू यादव का कैरावान भी कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में शिफ्ट कर दिया गया है। वर्षों तक बिहार की राजनीति की गवाह रही यह जीप आज भी लालू परिवार के लिए भावनात्मक महत्व रखती है और समर्थकों के बीच इसकी अलग पहचान बनी हुई है।

लालू यादव की पहली निजी गाड़ी थी यह महिंद्रा जीप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह महिंद्रा जीप लालू प्रसाद यादव की पहली निजी गाड़ी मानी जाती है। उनके शुरुआती राजनीतिक जीवन से जुड़ी यह जीप लंबे समय तक चुनावी अभियान, जनसभाओं और गांव-गांव के दौरों की साथी रही। राजनीतिक जीवन के शुरुआती संघर्ष से लेकर बड़े जनआंदोलनों तक, इस वाहन ने लालू यादव के सार्वजनिक जीवन के कई अहम पड़ाव देखे। यही वजह है कि इसे केवल एक गाड़ी नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक यात्रा का प्रतीक भी माना जाता है।

1977 में कोलकाता से खरीदी थी सेना की पुरानी जीप

बताया जाता है कि वर्ष 1977 में सांसद बनने के बाद लालू यादव स्वयं कोलकाता गए थे। उस समय सेना द्वारा इस्तेमाल के बाद बेची जा रही मिलिट्री डिस्पोजल जीप खरीदने की व्यवस्था जनप्रतिनिधियों के लिए उपलब्ध थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लालू यादव ने करीब 5 हजार रुपये में यह जीप खरीदी थी। उस दौर में यह खरीद उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी गई, क्योंकि यही वाहन आगे चलकर उनकी राजनीतिक पहचान का हिस्सा बन गया।

करीब 15 साल तक इसी जीप से किया राजनीतिक सफर

जानकारी के मुताबिक, सांसद बनने के बाद लगभग 15 वर्षों तक लालू यादव ने इसी जीप का इस्तेमाल किया। गांवों में जनसंपर्क अभियान हो या राजनीतिक सभाएं, यह जीप लगभग हर यात्रा में उनके साथ रहती थी। मार्च 1990 में बिहार का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार उन्होंने सरकारी वाहन का उपयोग शुरू किया। इससे पहले तक यही महिंद्रा जीप उनके सार्वजनिक जीवन का प्रमुख साधन रही।

कई बड़े नेताओं ने भी की इस जीप की सवारी

यह जीप सिर्फ लालू यादव तक सीमित नहीं रही। समाजवादी राजनीति से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इस वाहन में सफर किया। मीडिया रिपोर्ट्स में शरद यादव सहित कई प्रमुख नेताओं के इस जीप से जुड़े होने का उल्लेख मिलता है। इसी वजह से यह जीप बिहार की राजनीति के कई महत्वपूर्ण दौर की प्रत्यक्ष गवाह मानी जाती है।

जब रास्ते में बंद हो गई तो नेताओं ने लगाया धक्का

इस जीप से जुड़े कई रोचक किस्से भी राजनीतिक गलियारों में सुनाए जाते हैं। बताया जाता है कि कई बार यात्रा के दौरान वाहन खराब हो जाता था, तब नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिलकर इसे धक्का लगाया। लालू यादव के पुराने सहयोगियों के बीच यह घटना आज भी याद की जाती है और इसे उनके संघर्ष के दिनों की एक दिलचस्प कहानी माना जाता है।

आज भी इस जीप से है लालू यादव का भावनात्मक रिश्ता

समय बदलने के बावजूद लालू यादव का इस जीप से जुड़ाव बना हुआ है। कई मौकों पर उन्हें स्वयं इस ऐतिहासिक वाहन को चलाते हुए देखा गया है। 24 नवंबर 2021 को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस जीप को चलाते हुए एक वीडियो भी साझा किया था। उस वीडियो को समर्थकों ने काफी पसंद किया और इसे उनके पुराने दिनों की याद के रूप में देखा गया।

बंगला खाली होने के साथ बदला जीप का ठिकाना

राबड़ी देवी द्वारा 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली किए जाने के बाद इस महिंद्रा जीप को भी वहां से हटा दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब इसे तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर रखा गया है। वहीं, लालू यादव का कैरावान कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास पहुंच चुका है। इस बदलाव के बाद एक बार फिर यह ऐतिहासिक जीप राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गई है।

क्यों खास मानी जाती है यह महिंद्रा जीप?

करीब 5 हजार रुपये में खरीदी गई यह महिंद्रा जीप केवल एक पुराना वाहन नहीं है। सांसद से लेकर मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय राजनीति तक लालू यादव की लंबी राजनीतिक यात्रा में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजनीतिक इतिहास, संघर्ष और जनसंपर्क की यादों को अपने साथ समेटे यह जीप आज भी लालू परिवार और उनके समर्थकों के लिए भावनात्मक विरासत का हिस्सा मानी जाती है। यही कारण है कि बंगला बदलने के साथ इसकी नई जगह भी चर्चा का विषय बन गई है।

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