BPSC TRE-4 भर्ती पर फिर बढ़ा बवाल, जुलाई खत्म होने से पहले विज्ञापन की मांग तेज
BPSC TRE-4 भर्ती को लेकर बिहार में एक बार फिर सियासी और छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। BPSC TRE-4 भर्ती का विज्ञापन अभी तक जारी नहीं होने पर छात्र नेता दिलीप कुमार ने बिहार सरकार और शिक्षा विभाग पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले दो वर्षों से लगातार अगले महीने विज्ञापन जारी करने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार है। जुलाई का महीना समाप्त होने से पहले विज्ञापन जारी करने की मांग अब और तेज हो गई है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने हाल ही में कहा था कि इस महीने भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा। हालांकि, खबर लिखे जाने तक आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं हुआ है, जिसके बाद अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है।
छात्र नेता ने सरकार के आश्वासन पर उठाए सवाल
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि सरकार पिछले दो वर्षों से लगातार यही कह रही है कि अगले महीने TRE-4 का विज्ञापन आएगा, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा मंत्री ने भी जुलाई के भीतर विज्ञापन जारी करने की बात कही थी। अब यदि विज्ञापन समय पर जारी नहीं होता है, तो यह लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर असर डाल सकता है।
दिलीप कुमार का कहना है कि केवल अधियाचना भेजने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है। अभ्यर्थी अब सीधे भर्ती विज्ञापन जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
46 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की मांग
छात्र नेता ने सरकार से मांग की है कि फरवरी में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजी गई अधियाचना के आधार पर ही 46 हजार से अधिक पदों का विज्ञापन तुरंत जारी किया जाए।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में और देरी होने से अभ्यर्थियों का समय और तैयारी दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए जुलाई के अंतिम दिनों में ही नोटिफिकेशन जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि TRE-4 भर्ती एकल परीक्षा (Single Exam) के आधार पर कराई जाए, ताकि चयन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी रहे।
अगस्त में बड़े आंदोलन की चेतावनी
दिलीप कुमार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जुलाई के अंत तक TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं हुआ तो अगस्त में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। हालांकि, सरकार की ओर से इस चेतावनी पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में माना जा रहा है कि यदि विज्ञापन में और देरी होती है तो अभ्यर्थियों का विरोध और तेज हो सकता है।
'वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट' लागू करने की मांग
छात्र नेता ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए 'वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट' व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है।
उनका कहना है कि जितने पदों पर भर्ती निकले, उतने ही अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से नियुक्ति मिले। इससे प्रतीक्षा सूची और अन्य विवादों की संभावना कम होगी।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रमाणपत्रों का सत्यापन (Document Verification) परिणाम जारी होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चयन की आशंका समाप्त हो सके।
प्राथमिक शिक्षकों की सीटें बढ़ाने की मांग
दिलीप कुमार ने कहा कि प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 तक शिक्षकों के पदों की संख्या अधिक रखी जानी चाहिए।
उनके अनुसार, प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की जरूरत सबसे अधिक है। यदि इस स्तर पर पर्याप्त नियुक्तियां होती हैं, तो सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को समय पर अवसर मिल सके।
अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले कदम पर
फिलहाल BPSC TRE-4 भर्ती को लेकर लाखों अभ्यर्थियों की नजर सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग की अगली घोषणा पर टिकी हुई है।
यदि जुलाई के अंत तक विज्ञापन जारी होता है तो भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। वहीं, विज्ञापन में देरी होने की स्थिति में छात्र संगठनों द्वारा आंदोलन की संभावना भी बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की आधिकारिक घोषणा इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।
