Bharat Tiwari Encounter मामले में रविवार को नया घटनाक्रम सामने आया। Bharat Tiwari Encounter को लेकर मृतक की मां आशा देवी और बहन रूबी देवी ने प्रेस वार्ता कर सरकार और प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। परिवार ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो 9 जुलाई से आशा देवी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगी। परिजनों ने निष्पक्ष जांच, परिवार की सुरक्षा, संबंधित पुलिसकर्मियों पर कानूनी कार्रवाई और ग्रामीणों पर दर्ज मामलों की समीक्षा की मांग की है।
परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित कराना है। वहीं, इस समाचार में परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
9 जुलाई से भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी
प्रेस वार्ता के दौरान आशा देवी और रूबी देवी ने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेता, तो 9 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
परिवार के अनुसार यह फैसला परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि समय रहते मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े।
परिजनों ने कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्ण तरीके से होगा और उनका उद्देश्य केवल न्याय की मांग करना है।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
रूबी देवी ने प्रेस वार्ता में कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर परिवार को संदेह है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होगी, तब तक निष्पक्ष जांच पर भरोसा करना कठिन होगा। परिवार का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
परिवार ने सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की
परिजनों ने दावा किया कि घटना के बाद से पूरा परिवार भय के माहौल में रह रहा है। उनका कहना है कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है।
इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से पूरे परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि सुरक्षा मिलने से वे जांच प्रक्रिया में बिना किसी डर के सहयोग कर सकेंगे।
जांच प्रक्रिया को लेकर भी रखी मांग
परिवार ने यह भी कहा कि जांच के लिए आने वाले अधिकारी पहले उन्हें सूचना दें। उनका कहना है कि पूर्व सूचना मिलने पर परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे और जांच एजेंसी को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे।
परिजनों के अनुसार उनका उद्देश्य जांच में सहयोग करना है, ताकि सभी तथ्य सही तरीके से सामने आ सकें और जांच निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़े।
ग्रामीणों पर दर्ज एफआईआर की समीक्षा की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान रूबी देवी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद गांव के कई निर्दोष लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
परिवार ने प्रशासन से अनुरोध किया कि 14 नामजद और लगभग 50 अज्ञात लोगों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। उनका कहना है कि जिन लोगों का घटना से कोई संबंध नहीं है, उनके खिलाफ दर्ज मामलों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
इस संबंध में भी प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बिना नंबर प्लेट वाली कार का लगाया आरोप
परिवार ने यह भी दावा किया कि हाल के दिनों में देर रात उनके घर के आसपास बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध कार देखी गई।
परिजनों के अनुसार यह घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने प्रशासन से फुटेज की जांच कर वाहन और उसमें मौजूद लोगों की पहचान करने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि मामले में न्याय मिलने तक उनका कानूनी और लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
आगे क्या?
फिलहाल परिवार ने अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से प्रशासन के सामने रखा है और 9 जुलाई से भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। यदि इस बीच प्रशासन या जांच एजेंसी की ओर से कोई कार्रवाई या आधिकारिक बयान आता है, तो मामले की दिशा बदल सकती है।
यह मामला अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के अगले चरण पर निर्भर करेगा। साथ ही, परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
