छोटी दुकान वाले पिता की बेटी ने किया कमाल, NEET 2026 में रच दिया इतिहास
NEET 2026 के परिणाम में बिहार के भागलपुर की बेटी अंशू कुमारी ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। NEET 2026 में 583 अंक हासिल करने वाली अंशू ने यह मुकाम अपने दूसरे प्रयास में कड़ी मेहनत, अनुशासित पढ़ाई और परिवार के सहयोग से हासिल किया। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उनके माता-पिता ने पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। अब उनकी सफलता संघर्ष कर रहे लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है।
भागलपुर के जगतपुर लोदीपुर की रहने वाली अंशू कुमारी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि मजबूत इरादे और निरंतर मेहनत से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
दूसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता
अंशू कुमारी ने NEET 2026 में कुल 583 अंक प्राप्त किए हैं। जारी परिणाम के अनुसार उन्हें ऑल इंडिया रैंक (AIR) 16,677 और कैटेगरी रैंक 7,864 मिली है।
यह उनका दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में मिली कमियों को उन्होंने गंभीरता से समझा और पूरे समर्पण के साथ तैयारी की। बेहतर रणनीति और नियमित अभ्यास का परिणाम इस सफलता के रूप में सामने आया।
अब उन्हें उम्मीद है कि अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेकर डॉक्टर बनने का सपना पूरा होगा।
छोटी दुकान से चलता है परिवार का खर्च
अंशू की सफलता के पीछे उनके परिवार का संघर्ष भी उतना ही प्रेरणादायक है।
उनके पिता अमित मंडल भागलपुर के तबलपुर चौक पर एक छोटी दुकान चलाते हैं। इसी दुकान की आमदनी से पूरे परिवार का खर्च चलता है। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी।
अंशू की मां पिंकी देवी गृहिणी होने के साथ-साथ सिलाई और कढ़ाई का काम भी करती हैं। परिवार की आय बढ़ाने के लिए वह लगातार मेहनत करती हैं और बेटी की पढ़ाई में हर कदम पर साथ खड़ी रहीं।
दादा-दादी और पूरे परिवार में खुशी का माहौल
अंशू की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
दादा नरेश मंडल और दादी शीला देवी अपनी पोती की उपलब्धि पर भावुक हो गए। परिवार के सभी सदस्य इसे वर्षों की मेहनत और संघर्ष का परिणाम मान रहे हैं।
उनकी बड़ी बहन प्रियम बीकॉम की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि छोटा भाई प्रिंस 12वीं के साथ जेईई की तैयारी में जुटा है। सबसे छोटी बहन मुस्कान अभी आठवीं कक्षा की छात्रा है।
परिवार का कहना है कि शिक्षा ही उनके जीवन को बदलने का सबसे मजबूत माध्यम है।
बचपन से पढ़ाई में रही हैं अव्वल
अंशू कुमारी शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी छात्रा रही हैं।
उन्होंने वर्ष 2022 में एसडीबीके विद्या निकेतन, तिलकामांझी से 10वीं की परीक्षा 89.2 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी। इसके बाद 2024 में इंटरमीडिएट परीक्षा में 89.6 प्रतिशत अंक हासिल किए।
स्कूल के दिनों से ही उनका सपना डॉक्टर बनने का था और उसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर उन्होंने लगातार तैयारी जारी रखी।
कोचिंग और सही मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी
अंशू ने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ भागलपुर के द इनोवेशन क्लासेस में NEET की तैयारी की।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों के मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट और लगातार अभ्यास ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। दूसरे प्रयास में उन्होंने अपनी कमजोरियों पर विशेष ध्यान दिया और बेहतर प्रदर्शन किया।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए सही रणनीति, अनुशासन और निरंतर अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समाज के लोगों ने दी शुभकामनाएं
अंशू की उपलब्धि पर क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के भागलपुर महानगर सेवा सह प्रमुख चंद्रशेखर प्रसाद उनके घर पहुंचे और परिवार को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बीच मिली यह सफलता दूसरे छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है।
संघर्ष से सफलता तक का प्रेरक सफर
अंशू कुमारी की कहानी बताती है कि आर्थिक कठिनाइयां सफलता की राह में बाधा जरूर बन सकती हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति, परिवार का सहयोग और लगातार मेहनत हर चुनौती को पार कर सकती है।
उनकी उपलब्धि केवल एक परीक्षा में सफलता नहीं, बल्कि हजारों ऐसे छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। अब पूरा भागलपुर अंशू की इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है।
