Samrat on 12 Years of PM Modi कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। Samrat on 12 Years of PM Modi मीडिया संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में प्रस्तावित 11 नई टाउनशिप में करीब 6 लाख 45 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। टाउनशिप के लिए भूमि सीमांकन का कार्य तेजी से चल रहा है और 15 सितंबर से जमीनी स्तर पर काम शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने राज्य में सड़क, रेल, हवाई संपर्क, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में चल रही योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख निवेश और औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इसके लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
11 नई टाउनशिप में होगा बड़ा निवेश
सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य की 11 नई टाउनशिप परियोजनाओं में लगभग 6.45 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ नए विकास केंद्र तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि टाउनशिप के लिए आवश्यक भूमि का सीमांकन तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 15 सितंबर से इन परियोजनाओं का कार्य धरातल पर दिखाई देने लगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन टाउनशिप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सड़क, रेल और हवाई संपर्क पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में बिहार में सड़क, बिजली और परिवहन नेटवर्क का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के बाद कई नए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड परियोजनाओं पर काम जारी है।
राजगीर, गया और मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाली रैपिड रेल परियोजना पर भी गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा सुल्तानगंज और सोनपुर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
उन्होंने बताया कि पटना-पूर्णिया, बक्सर-भागलपुर, आमस-दरभंगा, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया और वाराणसी-गया-कोलकाता एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है।
गंगा समेत प्रमुख नदियों पर बन रहे नए पुल
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी पर सात नए पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि सात अन्य पुल निर्माणाधीन हैं।
इसके अलावा कोसी, गंडक, सोन, बागमती और फल्गु जैसी प्रमुख नदियों पर भी नए पुल बनाए जा रहे हैं। औंटा-सिमरिया गंगा पुल और पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क को मजबूत किया है।
सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी गति मिलेगी।
उद्योगों को 30 दिनों में मिलेगी स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने का फैसला किया है।
पहले उद्योग लगाने के लिए कई विभागों से 33-34 प्रकार की स्वीकृतियां लेनी पड़ती थीं। अब सरकार ऐसी व्यवस्था बना रही है, जिसमें निवेशकों को 30 दिनों के भीतर आवश्यक मंजूरी उपलब्ध हो सके।
उन्होंने दावा किया कि 20 नवंबर तक पांच लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। राजगीर और मुंगेर में डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने की योजना भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
लालू यादव और अतिक्रमण अभियान पर क्या बोले?
मीडिया संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने राजनीतिक सवालों के भी जवाब दिए। लालू प्रसाद यादव के सरकारी आवास से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नियम सभी के लिए समान होते हैं।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी पद पर हमेशा नहीं रहता और सरकारी आदेशों का पालन सभी को करना चाहिए।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जहां भी अवैध कब्जा होगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के सामने सभी बराबर हैं।
पर्यटन और बड़ी परियोजनाओं पर रहेगा फोकस
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में पर्यटन उद्योग को नई दिशा देने की योजना बनाई गई है। पर्यटकों के ठहरने, यात्रा और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली लंबित परियोजनाओं की समीक्षा वह स्वयं करेंगे ताकि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और अन्य कारणों से रुकी योजनाओं को समय पर पूरा कराया जा सके।
सरकार का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचा, औद्योगिक निवेश और पर्यटन विकास बिहार की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।
