राबड़ी देवी ने लौटाई सुरक्षा, बंगले से हटाए पुलिसकर्मी; तेजस्वी ने भी जताया विरोध


 

पटना: राबड़ी देवी सुरक्षा कटौती को लेकर बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी आवास को लेकर चल रही बहस के बीच अब राबड़ी देवी सुरक्षा कटौती का मुद्दा भी राजनीतिक केंद्र में आ गया है। सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के बाद नाराज राबड़ी देवी ने अपने आवास पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

राजद इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित फैसला बता रहा है, जबकि सरकार का पक्ष है कि यह नियमित सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच यह मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।

सुरक्षा समीक्षा के बाद बदली गई व्यवस्था

जानकारी के अनुसार 4 जून को राज्य सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

समीक्षा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और विधायक तेज प्रताप यादव की सुरक्षा श्रेणियों में बदलाव का फैसला लिया गया। इसके तहत पहले से उपलब्ध कुछ सुरक्षा व्यवस्थाओं में कटौती की गई।

सरकारी सूत्रों के अनुसार नई व्यवस्था में सुरक्षा पूरी तरह समाप्त नहीं की गई है, बल्कि सुरक्षा संसाधनों का पुनर्गठन किया गया है।

राबड़ी देवी ने सुरक्षा कर्मियों को लौटाया

सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के फैसले के बाद राबड़ी देवी ने अपने सरकारी आवास से तैनात सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया। बंगले के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी हटाने का निर्देश दिया गया।

राजद नेताओं का कहना है कि यह फैसला विरोध दर्ज कराने के लिए लिया गया है। पार्टी का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों की गरिमा और सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है।

राबड़ी देवी के इस कदम के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। विपक्ष इसे सम्मान और सुरक्षा दोनों से जुड़ा मुद्दा बता रहा है।

तेजस्वी यादव को लेकर भी बढ़ी चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह जानकारी भी सामने आई कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था लौटाने का फैसला किया है।

राजद के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि लालू परिवार ने सुरक्षा कटौती के विरोध में यह कदम उठाया है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

तेजस्वी यादव को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। उनके पटना पहुंचने के बाद इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयान सामने आ सकते हैं।

सरकार ने क्या व्यवस्था दी है?

सुरक्षा समीक्षा के बाद राबड़ी देवी को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के हाउसगार्ड और महिला अंगरक्षक उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

इसके अलावा वर्दीधारी सुरक्षा कर्मी, पायलट वाहन, एस्कॉर्ट वाहन और बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी जारी रखी गई है।

वहीं लालू प्रसाद यादव को भी हाउसगार्ड, अंगरक्षक, पायलट वाहन और बुलेटप्रूफ कार उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखी गई है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा जरूरतों के आधार पर समय-समय पर समीक्षा की जाती है।

राजद ने उठाए कई सवाल

राजद नेताओं का कहना है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी जाने वाली सुरक्षा में कटौती कई सवाल खड़े करती है। पार्टी का आरोप है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी दोनों राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सम्मान को लेकर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

पार्टी का यह भी कहना है कि जब अन्य कई नेताओं को विभिन्न श्रेणियों की सुरक्षा उपलब्ध है, तब पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा में बदलाव को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए।

राजनीति बनाम सुरक्षा का सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था का निर्धारण सामान्यतः खतरे के आकलन और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है। हालांकि जब मामला बड़े राजनीतिक नेताओं से जुड़ा हो, तब इसके राजनीतिक प्रभाव भी सामने आते हैं।

बिहार में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस इसलिए भी तेज है क्योंकि यह केवल सुरक्षा का विषय नहीं रह गया है। इसमें सम्मान, राजनीतिक संदेश और विपक्ष-सरकार के संबंधों की चर्चा भी जुड़ गई है।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है या फिर राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता है।

आगे क्या है नजर?

फिलहाल सरकार अपने फैसले को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है, जबकि राजद इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला मान रहा है।

दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। ऐसे में सुरक्षा समीक्षा के इस फैसले का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट हो सकता है।

और नया पुराने
हमसे जुड़ें
1

बड़ी खबर सबसे पहले पाएं!

देश, बिहार और नौकरी से जुड़ी हर बड़ी अपडेट सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।

👉 अभी WhatsApp चैनल जॉइन करें
होम क्विज वीडियो नोट्स NCERT