पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट राज्य की सबसे चर्चित सीटों में गिनी जाती है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान राज्यसभा सांसद नितिन नवीन के विधानसभा सीट छोड़ने के बाद यहां उपचुनाव होना है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की नजर इस सीट पर टिकी हुई है।
भाजपा का मजबूत गढ़ रही है बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले करीब तीन दशकों से भाजपा का मजबूत राजनीतिक आधार मानी जाती है। पिछले कई चुनावों में यहां भाजपा को लगातार सफलता मिली है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर जीत हासिल करना किसी भी विपक्षी दल के लिए आसान चुनौती नहीं होगी। यही वजह है कि जन सुराज पार्टी के रुख को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा हो रही है।
प्रशांत किशोर का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है।
खुद चुनाव लड़ने के सवाल पर क्या बोले प्रशांत किशोर?
सारण में आयोजित एक पार्टी बैठक के दौरान पत्रकारों ने प्रशांत किशोर से सीधे पूछा कि क्या वे बांकीपुर से चुनाव लड़ेंगे।
इस सवाल के जवाब में उन्होंने उम्मीदवार के नाम पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी करेगी और चुनाव जीतने के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह किया जाएगा।
उनका यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे उन्होंने अपने लिए विकल्प खुले रखे हैं।
बांकीपुर चुनाव को बताया सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं होगा, बल्कि यह पिछले कुछ महीनों में सरकार के कामकाज पर जनता की राय भी सामने लाएगा।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान जनता से कई बड़े वादे किए गए थे और अब लोग उन वादों की प्रगति को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।
उनके अनुसार, जनता रोजगार, आर्थिक सहायता और विकास से जुड़े मुद्दों पर जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
जन सुराज ने भाजपा को चुनौती देने का किया दावा
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बांकीपुर सीट पर भाजपा को वास्तविक चुनौती जन सुराज पार्टी ही दे सकती है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई चुनावों में अन्य विपक्षी दल भाजपा को इस सीट पर पराजित नहीं कर पाए हैं। ऐसे में जन सुराज इस बार नए राजनीतिक विकल्प के रूप में चुनाव मैदान में उतरेगी।
हालांकि उन्होंने उम्मीदवार की घोषणा को लेकर कोई समयसीमा नहीं बताई।
राबड़ी आवास विवाद पर भी बोले प्रशांत किशोर
बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास से जुड़े विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि यह मामला सरकार और राबड़ी देवी के बीच का विषय है। लेकिन साथ ही उन्होंने सरकार से कुछ सवाल भी पूछे।
प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि सरकारी आवासों के उपयोग को लेकर नियमों की बात हो रही है तो मुख्यमंत्री आवास के विस्तार से जुड़े फैसलों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री आवास के विस्तार पर उठाए सवाल
जन सुराज प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पहले से ही बड़े परिसर में स्थित है। उन्होंने सवाल उठाया कि अतिरिक्त सरकारी आवास को मुख्यमंत्री परिसर में शामिल करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
उनका कहना था कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को सरकारी संसाधनों के उपयोग के संबंध में पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जब राजनीतिक दल दूसरों से नियमों के पालन की अपेक्षा करते हैं, तब उन्हें स्वयं भी समान मानकों का पालन करना चाहिए।
बिहार की राजनीति में बढ़ रही चुनावी सरगर्मी
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। भाजपा, जन सुराज और अन्य दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव केवल एक सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की ताकत और जनसमर्थन का संकेत भी दे सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे या जन सुराज किसी अन्य चेहरे पर भरोसा जताएगी। इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ हो सकता है।
