Patna Coaching Hub: पटना से बाहर शिफ्ट होंगे कोचिंग संस्थान? सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

बिहार की राजधानी पटना में पटना कोचिंग संस्थान को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। हाल के दिनों में कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवादों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकेत दिया है कि पटना कोचिंग संस्थान को शहर के बाहर एक संगठित परिसर में विकसित किया जाएगा। उनका कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी, छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा नगर विकास एवं आवास विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान की।
कोचिंग संस्थानों के लिए बनेगा अलग एजुकेशन हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना में संचालित सभी प्रमुख कोचिंग संस्थानों को भविष्य में शहर से बाहर एक निर्धारित स्थान पर बसाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसा शिक्षा केंद्र विकसित करना है, जहां छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि बिहार का शिक्षा क्षेत्र गौरवशाली रहा है और उसे नई पहचान देने के लिए आधुनिक एजुकेशन हब विकसित करना समय की जरूरत है। इससे बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को भी बेहतर वातावरण मिलेगा।
खान सर और रोशन आनंद विवाद के बीच आया फैसला
यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में कोचिंग संस्थानों को लेकर विवाद लगातार चर्चा में है। हाल ही में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर और ज्ञान बिंदु के संचालक रोशन आनंद के बीच विवाद ने व्यापक रूप ले लिया था। 4 जून को खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में तोड़फोड़ की घटना हुई थी। इस मामले में रोशन आनंद की गिरफ्तारी हुई और उन्हें जेल भेजा गया। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद खान सर का नाम भी विवादों में आया। उनके सुरक्षा गार्डों को जेल जाना पड़ा, जबकि अदालत से उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिली। जमानत मिलने के बाद रोशन आनंद ने भी सार्वजनिक रूप से खान सर के खिलाफ बयान दिए। इसी घटनाक्रम के बीच सरकार की यह नई योजना सामने आई है।
पटना को स्मार्ट और व्यवस्थित शहर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार केवल कोचिंग संस्थानों के स्थानांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पटना शहर को व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने नगर विकास विभाग को निर्देश दिया कि सभी वार्डों में आधुनिक सब्जी हाट विकसित किए जाएं, जहां दूध, सब्जी, मछली और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बिक्री एक ही स्थान पर हो सके। इससे नागरिकों को सुविधा मिलेगी और बाजार व्यवस्था भी बेहतर होगी।
सीवरेज और सड़क व्यवस्था सुधारने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपने घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की अपील की। उनका कहना था कि इससे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए गंदे पानी का बेहतर प्रबंधन होगा और गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जहां भी सड़क या नाले निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मानसून से पहले ठीक किया जाए। साथ ही बरसात समाप्त होने तक नई खुदाई वाली परियोजनाएं शुरू नहीं करने की सलाह दी, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
66 हजार एकड़ में विकसित होगी नई पाटलिपुत्र टाउनशिप
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पटना के भविष्य की बड़ी योजना भी साझा की। उन्होंने बताया कि लगभग 66 हजार एकड़ क्षेत्र में नई पाटलिपुत्र टाउनशिप विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्तावित टाउनशिप में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार का लक्ष्य पटना के विस्तार के साथ एक ऐसा नया शहरी क्षेत्र विकसित करना है, जो भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोचिंग संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं वाले एक समर्पित शिक्षा परिसर में स्थानांतरित किया जाता है, तो इससे छात्रों को बेहतर माहौल मिलेगा, यातायात का दबाव घटेगा और शहर के विकास को नई दिशा मिल सकती है। हालांकि, इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया, समय-सीमा और संबंधित संस्थानों की सहमति जैसे पहलुओं पर आगे सरकार की विस्तृत नीति का इंतजार रहेगा।