जमुई की अनोखी प्रेम कहानी: जेंडर बदलकर बहन बनी दूल्हा, फिर रचाई शादी


 

पटना/जमुई। जमुई लव स्टोरी इन दिनों पूरे बिहार में चर्चा का विषय बनी हुई है। जमुई लव स्टोरी की खास बात यह है कि रिश्ते में बहन लगने वाली दो युवतियों ने अपने रिश्ते को शादी तक पहुंचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया। इनमें से एक ने जेंडर परिवर्तन कराया और फिर दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। यह मामला जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के हरला गांव का बताया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर इस विवाह और प्रेम कहानी को लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा हो रही है। परिवार के सदस्यों को भी इस संबंध की पूरी जानकारी शादी के बाद मिली।

बचपन की दोस्ती कब बदली प्यार में?

जानकारी के अनुसार नयनश्री और राखी बचपन से एक-दूसरे के साथ पली-बढ़ी थीं। दोनों ने एक साथ स्कूल की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 2019 में मैट्रिक परीक्षा भी पास की।

आगे की पढ़ाई के लिए दोनों पटना चली गईं। वहां किराए के मकान में रहकर उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी। इसी दौरान दोनों के बीच भावनात्मक नजदीकियां बढ़ीं।

पटना में पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान दोनों एक-दूसरे के काफी करीब आ गईं। समय के साथ यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।

बीपीएससी की तैयारी ने बदली जिंदगी

पटना में रहते हुए दोनों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू की। मेहनत का परिणाम तब मिला जब नयनश्री का चयन बीपीएससी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षिका पद पर हो गया।

वर्तमान में नयनश्री लक्ष्मीपुर प्रखंड के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। नौकरी मिलने के बाद दोनों ने अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार करना शुरू किया।

इसी दौरान उन्होंने विवाह का निर्णय लिया और अपने रिश्ते को सामाजिक पहचान देने की दिशा में कदम बढ़ाया।

शादी के लिए कराया जेंडर परिवर्तन

परिवार और समाज की परिस्थितियों को देखते हुए राखी ने जेंडर परिवर्तन कराने का निर्णय लिया। इसके बाद चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत उनका जेंडर परिवर्तन कराया गया और उनका नया नाम राहुल रखा गया।

परिवार के अनुसार यह प्रक्रिया करीब छह महीने पहले शुरू हुई थी। इस दौरान चिकित्सा और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं पर लाखों रुपये खर्च हुए।

बताया गया कि इस पूरी प्रक्रिया में आर्थिक सहायता के लिए ऋण भी लिया गया। इसके बाद विवाह की तैयारी पूरी की गई।

हिंदू रीति-रिवाज से हुई शादी

जेंडर परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों ने हिंदू परंपराओं के अनुसार विवाह किया। शादी के दौरान सभी धार्मिक रस्में निभाई गईं।

विवाह के बाद राहुल ने नयनश्री की मांग में सिंदूर भरा और दोनों ने सात फेरे लिए। शादी के बाद जब दोनों अपने घर पहुंचे तब परिवार के कई सदस्यों को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली।

परिवार के कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें पहले इस विवाह के बारे में जानकारी नहीं थी।

परिवार की प्रतिक्रिया क्या रही?

परिजनों के अनुसार शुरू में उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी नहीं थी। शादी के बाद जब दोनों ने अपने निर्णय की जानकारी दी, तब परिवार के सदस्य इस विषय से अवगत हुए।

रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों के बीच इस विवाह को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि दोनों ने अपने फैसले को व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा निर्णय बताया है।

फिलहाल परिवार और समाज के स्तर पर इस विषय पर चर्चा जारी है।

क्यों चर्चा में है यह मामला?

यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें बचपन की दोस्ती, पारिवारिक रिश्ता, प्रेम संबंध और जेंडर परिवर्तन जैसे कई पहलू जुड़े हुए हैं।

सोशल मीडिया पर भी इस कहानी को लेकर लोग अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामाजिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में व्यक्तिगत अधिकार, कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक स्वीकृति जैसे विषय महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

बदलते समाज की एक नई कहानी

जमुई का यह मामला आधुनिक समाज में बदलते रिश्तों और व्यक्तिगत निर्णयों की चर्चा को फिर से सामने लेकर आया है। शिक्षा, आत्मनिर्भरता और व्यक्तिगत पसंद के आधार पर लिए गए फैसले अब ग्रामीण इलाकों तक चर्चा का विषय बन रहे हैं।

हालांकि इस मामले पर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन यह कहानी लोगों के बीच जिज्ञासा और चर्चा दोनों का केंद्र बनी हुई है।

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