
बिहार MLC चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। बिहार MLC चुनाव 2026 के लिए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव के लिए मैदान में उतारा है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड भी अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुके हैं। लोजपा (रामविलास) की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में बताया गया कि केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड ने विचार-विमर्श के बाद अशरफ अंसारी के नाम को मंजूरी दी है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में चुनावी चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
लोजपा (रामविलास) ने क्यों चुना अशरफ अंसारी?
पार्टी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए कई स्तरों पर चर्चा की गई। इसके बाद केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड ने अशरफ अंसारी के नाम पर औपचारिक सहमति दी। अशरफ अंसारी वर्तमान में पार्टी के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
बीजेपी ने पवन सिंह समेत चार उम्मीदवार उतारे
भारतीय जनता पार्टी ने भी शुक्रवार को अपने चार उम्मीदवारों की सूची जारी की। पार्टी ने चर्चित भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह को विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी संजय मयूख को लगातार तीसरी बार मौका दिया गया है। भाजपा ने पूर्णिया के अनिल कुमार ठाकुर और शीला प्रजापति को भी टिकट देकर विभिन्न सामाजिक वर्गों को साधने की रणनीति अपनाई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा की सूची में संगठन, अनुभव और सामाजिक समीकरणों का संतुलन दिखाई देता है।
जेडीयू ने भी जारी की चार नामों की सूची
जनता दल यूनाइटेड ने भी अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की सूची में निशांत कुमार (पटना), भारती मेहता (मधुबनी), शिवरानी देवी प्रजापति (पश्चिमी चंपारण) और ललन प्रसाद (शेखपुरा) को उम्मीदवार बनाया गया है। इन नामों की घोषणा के साथ ही बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है। एनडीए के सहयोगी दलों ने लगभग सभी सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप दे दिया है। जेडीयू की सूची भी क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर तैयार की गई मानी जा रही है।
नामांकन की अंतिम तारीख 8 जून
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 8 जून निर्धारित की गई है। राजनीतिक दल अब अपने उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम की तैयारी में जुट गए हैं। एनडीए ने अब तक कुल 9 उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है। संभावना है कि अंतिम दिन सभी उम्मीदवार एक साथ नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इस दौरान गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी देखने को मिल सकती है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव प्रचार और अधिक तेज होने की उम्मीद है।
18 जून को होगा मतदान
बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव के लिए मतदान 18 जून को आयोजित किया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद सभी प्रमुख दल सक्रिय हो चुके हैं। बीजेपी, जेडीयू और लोजपा (रामविलास) द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब राजनीतिक दलों का फोकस चुनावी रणनीति और समर्थन जुटाने पर रहेगा। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नामांकन और प्रचार अभियान पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
चुनावी तस्वीर क्यों है खास?
इस बार का विधान परिषद चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एनडीए के सभी प्रमुख घटकों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है। लोजपा (रामविलास) द्वारा अशरफ अंसारी को टिकट देना, भाजपा का पवन सिंह पर भरोसा जताना और जेडीयू की संतुलित सूची चुनाव को और दिलचस्प बना रही है। अब देखना होगा कि नामांकन के बाद चुनावी समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।