भागलपुर में विक्रमशिला सेतु स्पैन गिरा की घटना ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। विक्रमशिला सेतु स्पैन गिरा होने के बाद पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। रविवार देर रात यह हादसा हुआ, जब पुल का एक हिस्सा गंगा नदी में समा गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते ट्रैफिक रोके जाने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। अब प्रशासन ने तीन महीने के भीतर मरम्मत कर पुल को दोबारा चालू करने का भरोसा दिया है।
कैसे हुआ हादसा, क्या है शुरुआती जानकारी?
रविवार रात करीब 12:35 बजे प्रशासन को सूचना मिली कि पुल का एक स्पैन धीरे-धीरे धंस रहा है।
भागलपुर ट्रैफिक पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पुल पर आवाजाही रोक दी गई। कुछ ही देर बाद स्पैन पूरी तरह टूटकर गंगा में गिर गया।
अधिकारियों के अनुसार, पुल का पिलर सुरक्षित है और मुख्य ढांचे को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
इस घटना में किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई, जिसका श्रेय प्रशासन और पुलिस की तत्परता को दिया जा रहा है।
यदि समय पर ट्रैफिक नहीं रोका जाता, तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था, क्योंकि पुल पर हमेशा वाहनों का भारी दबाव रहता है।
जिला प्रशासन ने मौके पर स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया और पुल को खाली कराया।
तीन महीने में मरम्मत का लक्ष्य
राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त स्पैन की मरम्मत जल्द शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि तीन महीने के भीतर पुल को फिर से चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मरम्मत कार्य में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) की मदद भी ली जा रही है, ताकि काम तेजी से पूरा हो सके।
जांच के लिए विशेषज्ञ टीम मौके पर
घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है।
आईआईटी पटना और पथ निर्माण विभाग के इंजीनियरों को घटनास्थल पर भेजा गया है। वे पुल की वर्तमान स्थिति का आकलन करेंगे।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि “चेन ऑफ मेंटेनेंस” में कहां कमी रह गई, जिससे यह हादसा हुआ।
जिम्मेदारी तय, इंजीनियर निलंबित
पुल के रखरखाव की जिम्मेदारी पथ निर्माण विभाग के एनएच डिवीजन के पास थी।
इस मामले में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित कार्यपालक अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वैकल्पिक मार्ग और स्टीमर सेवा शुरू
यातायात बाधित होने के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी है।
पश्चिम दिशा से आने वाले वाहनों को मुंगेर होते हुए श्रीकृष्ण सेतु से गुजरने का निर्देश दिया गया है।
पूर्व दिशा से आने वाले वाहनों को खगड़िया मार्ग से डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा, छोटे वाहनों के लिए गंगा पार करने हेतु स्टीमर सेवा भी शुरू की गई है।
पुराना हो चुका था पुल, पहले भी मिली थी चेतावनी
विक्रमशिला सेतु का निर्माण वर्ष 2001 में हुआ था।
हाल ही में हुई जांच में पुल के एक हिस्से में क्षति की आशंका जताई गई थी और मरम्मत के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया था।
हालांकि, बड़ी समस्या सामने नहीं आई थी। अब इस घटना के बाद पुराने ढांचे की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।
नया चार लेन पुल जल्द होगा तैयार
विक्रमशिला सेतु के समानांतर एक नया चार लेन पुल भी बनाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह नया पुल इस वर्ष के अंत तक तैयार हो जाएगा। इसके चालू होने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
यह परियोजना भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटने में मददगार साबित हो सकती है।
आम लोगों पर क्या असर?
पुल के बंद होने से भागलपुर और आसपास के जिलों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
व्यापार, परिवहन और दैनिक यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। हालांकि प्रशासन वैकल्पिक मार्गों के जरिए स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है।
