बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 15 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस बदलाव में सबसे ज्यादा चर्चा UPSC Topper Shubham Kumar की हो रही है। UPSC Topper Shubham Kumar को अब पटना जिले का उप विकास आयुक्त (डीडीसी) बनाया गया है। 2020 बैच के अखिल भारतीय टॉपर रहे शुभम कुमार पर अब राजधानी पटना की विकास योजनाओं और प्रशासनिक निगरानी की जिम्मेदारी होगी। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक उन्हें नालंदा से स्थानांतरित कर पटना में नई जिम्मेदारी दी गई है।
बिहार सरकार ने जारी की अधिसूचना
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्यपाल के आदेश से आईएएस अधिकारियों के तबादले की अधिसूचना जारी की।
अधिसूचना के अनुसार Shubham Kumar को नालंदा के उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद के पद से हटाकर पटना में उसी पद पर नियुक्त किया गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में लगातार बदलाव कर रही है।
IIT बॉम्बे से पढ़ाई, फिर बने UPSC टॉपर
शुभम कुमार की पहचान सिर्फ एक आईएएस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि संघर्ष और सफलता की मिसाल के रूप में भी होती है।
उन्होंने Indian Institute of Technology Bombay से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की। वर्ष 2017 में उन्होंने अपनी डिग्री पूरी की।
इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी।
साल 2020 में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर देशभर में पहचान बनाई।
तीसरे प्रयास में मिली ऐतिहासिक सफलता
शुभम कुमार का यूपीएससी सफर आसान नहीं रहा।
2018 में अपने पहले प्रयास में उन्हें असफलता मिली। लेकिन उन्होंने अपनी रणनीति बदली और तैयारी को बेहतर किया। अगले प्रयास में उन्हें रैंक मिली और फिर 2020 में वह देश के टॉपर बन गए।
यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने मानव विज्ञान यानी एंथ्रोपोलॉजी को वैकल्पिक विषय चुना था। यह फैसला उनके लिए काफी सफल साबित हुआ।
उनकी कहानी आज भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जाती है।
बिहार से जुड़ाव ने बदली जिंदगी की दिशा
Katihar के रहने वाले शुभम कुमार ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूर्णिया के विद्या विहार आवासीय विद्यालय से की।
इसके बाद उन्होंने बोकारो के चिन्मय विद्यालय से आगे की शिक्षा पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही वह मेधावी छात्र के रूप में पहचाने जाने लगे थे।
शुभम कुमार ने अमेरिका में रिसर्चर के रूप में भी काम किया था। लेकिन विदेश में काम करने के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि बिहार और भारत के गांवों में विकास के लिए काम करने की जरूरत है।
यही सोच उन्हें सिविल सेवा की ओर लेकर आई।
कई अहम पदों पर संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
पटना के डीडीसी बनने से पहले शुभम कुमार कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं।
वे Bhagalpur में नगर आयुक्त, पटना के बाढ़ अनुमंडल में एसडीओ और नालंदा में उप विकास आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
अब राजधानी पटना में विकास योजनाओं की निगरानी, जिला परिषद से जुड़े कार्य और प्रशासनिक समन्वय उनके जिम्मे होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवा और तकनीकी समझ रखने वाले अधिकारियों की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आ सकती है।
परिवार का मिला पूरा साथ
शुभम कुमार की सफलता में उनके परिवार की अहम भूमिका रही है।
उनके पिता देवानंद सिंह उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। उनकी मां गृहिणी हैं।
वहीं उनकी बड़ी बहन भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में वैज्ञानिक हैं। शुभम कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि परिवार के समर्थन ने उन्हें कठिन समय में आगे बढ़ने की ताकत दी।
उनकी शादी की तस्वीरें भी पहले सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं, जिसके बाद वह युवाओं के बीच और ज्यादा चर्चित हो गए थे।
पटना के विकास पर रहेगी खास नजर
पटना बिहार की राजधानी होने के साथ राज्य का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और शहरी क्षेत्र भी माना जाता है।
ऐसे में डीडीसी पद की जिम्मेदारी काफी अहम मानी जाती है। शुभम कुमार को अब विकास योजनाओं की निगरानी, ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति और जिला परिषद से जुड़े मामलों पर काम करना होगा।
सरकार को उम्मीद है कि उनकी प्रशासनिक क्षमता और युवा सोच राजधानी के विकास कार्यों को गति देने में मदद करेगी।
